पेपर लीक आंदोलन के बीच बढ़ा विवाद, दिल्ली पुलिस ने फेक न्यूज और विदेशी अकाउंट्स का लगाया आरोप

नई दिल्ली |  जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और हिंसा विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों और आम लोगों को सोशल मीडिया पर फैल रही कथित भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की।

दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले 400 से ज्यादा अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें बंद कराया गया है। पुलिस के अनुसार, ऐसे ही कई अकाउंट्स ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी सक्रिय पाए गए थे।

DCP रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (STF) का गठन किया गया है।

लड़की की मौत और सोनम वांगचुक के वीडियो को लेकर पुलिस का दावा

दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि 20 जुलाई की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल की गई, जिसमें एक लड़की की मौत का दावा किया गया था, जबकि पुलिस के मुताबिक यह दावा गलत था।

पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ भ्रामक पोस्ट ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स से साझा किए गए, जो पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे।

इसके अलावा पुलिस ने दावा किया कि सोनम वांगचुक का एक फर्जी वीडियो भी प्रसारित किया गया, जिसमें कथित तौर पर उनकी आवाज और संदेश के साथ छेड़छाड़ की गई थी।

केजरीवाल के वीडियो का जिक्र, पुलिस ने लगाए आरोप

दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो भी दिखाया और आरोप लगाया कि उसमें गलत जानकारी देकर यह कहा गया कि केंद्र सरकार दिल्ली में आधी रात को कार्रवाई करने जा रही है।

पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।

CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को टाइफाइड

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर जानकारी दी कि उन्हें टाइफाइड हो गया है।

वहीं, शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए अतिरिक्त बैरिकेडिंग कर दी।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जारी है गतिरोध

पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रही CJP लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक सरकार के साथ बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।

सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरे दौर की बैठक होने की संभावना जताई गई, जिसमें सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।

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