नई दिल्ली । उत्तराखंड में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी ने 27 अक्टूबर को गैरसैंण स्थित विधानसभा का घेराव करने और 28 अक्टूबर तक विरोध प्रदर्शन से जुड़े कार्यक्रम जारी रखने की योजना बनाई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में सरकार और अपराधियों के बीच कथित गठजोड़ के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई है और भ्रष्टाचार बढ़ा है।
कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी एवं महासचिव कुमारी सैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार पर निशाना साधा। नेताओं ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और अपराध से जुड़े मुद्दों पर जनता की आवाज को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को भी अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। कुमारी सैलजा ने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। पार्टी ने महिला सुरक्षा और जवाबदेही के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने की बात कही है।
भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन में भ्रष्टाचार के अलावा बेरोजगारी, युवाओं के भविष्य, सरकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं और पलायन जैसे मुद्दे शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर जनता के बीच जाकर संवाद किया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस ने 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में ‘न्याय यात्रा’ निकालने की भी घोषणा की है। इसके बाद 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव प्रस्तावित है। पार्टी एक नवंबर को दिल्ली में मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कार्यक्रम और चार नवंबर को उत्तराखंड में जमीन एवं संसाधनों से जुड़े सवालों पर प्रदर्शन करने की भी तैयारी कर रही है।
विधानसभा सत्र के दौरान बढ़ सकती है राजनीतिक सरगर्मी
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस लगातार सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर रही है। पार्टी का कहना है कि वह जनता से जुड़े सवालों को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएगी।
वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और सरकार-अपराधी गठजोड़ के आरोप राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही की जा सकती है।