नई दिल्ली । मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तीन अहम सवालों के जवाब मांगे हैं। कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने पूछा है कि इस प्रक्रिया के तहत कितने कथित घुसपैठियों की पहचान की गई, कितने लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और कितने लोगों को देश से निर्वासित किया गया। उन्होंने कहा कि देश के करीब 100 करोड़ लोगों को SIR प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है, इसलिए उन्हें इसके परिणाम जानने का अधिकार है।
जयराम रमेश ने एक्स पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गृह मंत्री अमित शाह से तीन सीधे सवाल पूछे।
- SIR प्रक्रिया के तहत कितने घुसपैठियों की पहचान की गई?
- कितने कथित घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए?
- कितने लोगों को देश से निर्वासित किया गया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब केंद्र सरकार और गृह मंत्री SIR का समर्थन कर रहे हैं, तो इस प्रक्रिया के नतीजों और घुसपैठियों की पहचान से संबंधित आंकड़े भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
करीब 100 करोड़ लोगों को प्रक्रिया से गुजरना पड़ा: कांग्रेस
जयराम रमेश ने कहा कि देश के लगभग 100 करोड़ लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है और उन्हें इसके नतीजों के बारे में जानने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार मतदाता सूची से हटाए गए भारतीय नागरिकों को घुसपैठिया मान रही है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटने का अर्थ अपने आप में किसी व्यक्ति का विदेशी नागरिक होना नहीं है।
अमित शाह ने विपक्ष पर लगाया था घुसपैठियों को बचाने का आरोप
यह विवाद उस समय और तेज हो गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने SIR के विरोध को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था। शाह ने आरोप लगाया था कि विपक्ष घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
गृह मंत्री ने मतदाता सूची को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की बताते हुए कहा था कि मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिक होना और निर्धारित आयु पूरी करना आवश्यक है। उन्होंने SIR का विरोध करने वाले दलों की मंशा पर भी सवाल उठाए।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटने से उनके मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाए रखना जरूरी है।
इस मुद्दे पर पारदर्शिता, पात्र मतदाताओं के नामों की सुरक्षा और कथित घुसपैठियों की पहचान को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
सरकार से आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार से SIR के तहत हुई कार्रवाई का स्पष्ट ब्योरा देने की मांग की है। जयराम रमेश के तीन सवालों के जरिए पार्टी ने यह जानना चाहा है कि घुसपैठियों की पहचान, मतदाता सूची से नाम हटाने और निर्वासन के मोर्चे पर वास्तव में क्या कार्रवाई हुई है।
फिलहाल, इन तीन सवालों के जवाब में कितने लोगों की पहचान हुई, कितने नाम हटाए गए और कितने लोगों को निर्वासित किया गया—इनकी पुष्टि करने वाले विशिष्ट आंकड़े उपलब्ध कराए गए समाचार स्रोतों में नहीं मिले हैं।