अदन | यमन में बढ़ते संघर्ष के बीच मानवीय संकट गंभीर होता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि हिंसा का आम नागरिकों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो रहे हैं और पहले से कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
हजारों लोग प्रभावित
हालिया हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर है, जबकि करीब दो लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। संघर्ष के कारण स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं पर भी असर पड़ा है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विस्थापन और साफ पानी तथा स्वच्छता की सीमित उपलब्धता के कारण हैजा, खसरा और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
यमन की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। हिंसा के कारण अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ रहा है और दवाओं तथा चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है।
बड़े पैमाने पर विस्थापन के कारण हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों की तलाश करनी पड़ रही है। मानवीय संगठनों के सामने प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।
मक्का पैक्ट के बाद क्षेत्रीय सहयोग
संघर्ष के बीच क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा और सैन्य सहयोग भी बढ़ा है। सऊदी अरब के साथ हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत सहयोग की प्रतिबद्धता जताई गई है। हालिया घटनाक्रम में क्षेत्रीय देशों की ओर से रक्षात्मक और तकनीकी सहायता बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है।
संघर्ष रोकने की अपील
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी पक्षों से हिंसा पर तत्काल रोक लगाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है। मानवीय संगठनों ने चेताया है कि संघर्ष लंबा खिंचने पर यमन में विस्थापन, बीमारी और खाद्य संकट और गंभीर हो सकता है।
फिलहाल यमन में नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता की निर्बाध पहुंच और संघर्ष के राजनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास तेज करने की जरूरत बनी हुई है।