गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को गरियाबंद जिले के अमलीपदर पहुंचे, जहां उन्होंने कथावाचक पंडित युवराज पांडे के गृह ग्राम में आयोजित भव्य भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने गुंडिचा मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
रथयात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, राजीव लोचन महाराज, राजिम विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। भगवान जगन्नाथ के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा अमलीपदर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।
देवभोग की धार्मिक परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि देवभोग क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ के लिए भोग इसी क्षेत्र से पुरी भेजा जाता है और ऐसे पावन स्थल पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कथावाचक पंडित युवराज पांडे की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी कथाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का देशभर में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने फरसरा-केन्दुपाटी मार्ग पर बांगटी नाला पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। साथ ही सुपेबेड़ा जलप्रदाय योजना के समर्थन में तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की स्वीकृत योजना का भी उल्लेख किया।
व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
इस दौरान कथावाचक पंडित युवराज पांडे ने जिला प्रशासन की तैयारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे की तिथि पहले से तय होने के बावजूद कलेक्टर ने आयोजन की तैयारियों का जायजा नहीं लिया। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों का आमंत्रण स्वीकार कर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार भी व्यक्त किया।