रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति राउत नाचा और दोहों के बिना अधूरी है। यादव समाज ने अपनी कला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ियों से संजोकर रखा है, जो प्रदेश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री साय ने यह बात रायपुर जिले के खरोरा में आयोजित छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रादेशिक महासम्मेलन में कही। इस दौरान उन्होंने समाज के सामाजिक भवन का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यादव समाज की सांस्कृतिक परंपराएं छत्तीसगढ़ की पहचान को मजबूत करती हैं। विशेष रूप से राउत नाचा, लोकगीत और दोहे प्रदेश की लोक कला को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने समाज की एकजुटता और युवाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए।
कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा और चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव सहित समाज के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की लोक कलाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यादव समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।