रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर से प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ी सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को सामने रखा। उन्होंने प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और शहीदों को नमन किया तथा विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलता के बाद बस्तर में विकास और शांति का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि बस्तर के सर्वांगीण विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं से बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू कराया गया है और 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। वहीं ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंपों को सेवा और विकास के केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही 461 सौर ऊर्जीकृत गांवों को ग्रिड आधारित बिजली व्यवस्था से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
किसानों के हित में कई योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। प्रदेश में किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ के माध्यम से किसानों को एकमुश्त राशि का भुगतान किया गया है। फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
सिंचाई के क्षेत्र में ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति और प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी का उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया। इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज के निर्माण से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही।
महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आवास, खाद्यान्न और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत किए जा चुके हैं और प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1600 घर बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जाने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है, जबकि शिक्षक और सहायक शिक्षक के 3946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। बिजली कंपनियों में 1235 पदों पर भर्ती की जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू करने की घोषणा की गई है। वहीं चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। इसी क्रम में प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से शुरू करने और 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी देने की जानकारी दी। एआई मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब और पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सुविधाओं और औद्योगिक विकास का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में 326 संजीवनी एक्सप्रेस और 380 महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवाएं संचालित हैं।
औद्योगिक विकास के लिए नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने और इससे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद मुख्यमंत्री ने जताई। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई की स्थापना, मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट और प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश के विकास को नई गति देंगे। रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क से बस्तर को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। पिछले ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं, जबकि भारतनेट 3.0 के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने की योजना है।
सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अटल जी द्वारा दिखाए गए सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली, सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सुगम बनाया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन के जरिए अब तक 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है और सेवा सेतु पोर्टल पर 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन और संस्कृति के विकास को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने, चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजनाओं की जानकारी उन्होंने दी।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को सामूहिक लक्ष्य बताते हुए सभी प्रदेशवासियों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्” का उल्लेख करते हुए एकता और सामूहिक प्रयास के साथ प्रदेश के विकास के संकल्प को पूरा करने की अपील की।