12वीं के छात्र सार्थक का कमाल, बनाया सरकारी टेंडर ट्रैकिंग पोर्टल, पारदर्शिता पर फिर चर्चा तेज

कक्षा 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पहले CBSE के डिजिटल मूल्यांकन टेंडर में खामियां उजागर करने वाले सार्थक ने अब एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो सरकारी टेंडरों की ट्रैकिंग को आसान बनाता है।

जानकारी के मुताबिक, सार्थक ने भारत सरकार के सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (CPP) पोर्टल से जुड़े करीब 1.66 करोड़ खरीद रिकॉर्ड को इकट्ठा कर एक सार्वजनिक डेटाबेस के रूप में उपलब्ध कराया है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है, ताकि नागरिक, पत्रकार और शोधकर्ता आसानी से डेटा का विश्लेषण कर सकें।

सरकारी खर्च की निगरानी आसान बनाने की कोशिश

सार्थक का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म अलग-अलग सरकारी विभागों की खरीद से जुड़ी जानकारी को एक जगह लाता है, जिससे सरकारी खर्च को समझना और ट्रैक करना आसान हो सकेगा।

पहले भी CBSE टेंडर पर रह चुके हैं चर्चा में

सार्थक इससे पहले CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर चर्चा में आए थे। उनके विश्लेषण के बाद मामला संसद तक भी पहुंचा था और उन्हें संसदीय समिति के सामने अपना पक्ष रखने का मौका मिला था।

उनकी यह नई पहल फिर से सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस को तेज कर रही है।

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