नई दिल्ली | छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। CJP ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन से जुड़े मामले में जल्द सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि कोर्ट का समय और याचिकाकर्ता का समय बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पदों पर बैठे लोगों को लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की आवाज का सम्मान करना चाहिए।
क्या है मामला?
याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया था। वकील ने अदालत से सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो देखने और मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
वकील ने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें छात्रों के साथ कथित ज्यादती दिखाई दे रही है।
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
तीन जजों की पीठ ने की सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को नियमित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। वहीं, CJP ने अदालत की टिप्पणी को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।