‘छू लो आसमान’ ने बदली दंतेवाड़ा के बच्चों की तकदीर, 9 MBBS और 2 BDS में दाखिला

दंतेवाड़ा/बस्तर। एनएमडीसी के सहयोग से संचालित शैक्षणिक पहल ‘छू लो आसमान’ ने दंतेवाड़ा के वंचित परिवारों के विद्यार्थियों के लिए सफलता की नई मिसाल पेश की है। नीट काउंसलिंग के पहले दौर के परिणामों में कार्यक्रम से जुड़े छात्रों ने 9 एमबीबीएस और 2 बीडीएस सीटें हासिल की हैं। वहीं, जेईई उत्तीर्ण करने वाले दो छात्रों ने एनआईटी रायपुर में बीटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया है।

मेडिकल प्रवेश पाने वाले छात्रों में अधिकांश अनुसूचित जनजाति समुदाय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। कई विद्यार्थियों के परिवारों में यह पहली बार है जब कोई सदस्य मेडिकल या इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में प्रवेश ले रहा है।

22 छात्रों ने पास की NEET परीक्षा

‘छू लो आसमान’ से जुड़े 22 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है। पहले दौर की काउंसलिंग में 13 छात्रों के परिणाम सामने आए, जिनमें 9 ने एमबीबीएस और 2 ने बीडीएस में प्रवेश हासिल किया। शेष छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है।

पोटाली की 21 वर्षीय दीपा मरकाम ने नीट में 412 अंक हासिल कर बिलासपुर के छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (CIMS) में एमबीबीएस में प्रवेश लिया है। दूरस्थ क्षेत्र से आने वाली दीपा ने भविष्य में अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की इच्छा जताई है।

2011 से जारी है ‘छू लो आसमान’ का सफर

‘छू लो आसमान’ कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2011 में दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और एनएमडीसी की संयुक्त पहल के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

कक्षा 8वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक आवासीय सुविधा, यूनिफॉर्म, अध्ययन सामग्री और नियमित कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक कक्षा में हर वर्ष 80 बालक और 80 बालिकाओं को प्रवेश दिया जाता है।

अब तक 7,140 विद्यार्थी इस कार्यक्रम के तहत अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। इनमें कई छात्र बीटेक/बीई, बीफार्मा, बीएससी नर्सिंग, पॉलीटेक्निक, कृषि विज्ञान, एमबीबीएस और पशु चिकित्सा विज्ञान जैसे प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में दाखिला ले चुके हैं।

पहली पीढ़ी के डॉक्टर और इंजीनियर बनने की ओर कदम

कार्यक्रम के प्रिंसिपल शैनी रवींद्र ने बताया कि सफल विद्यार्थियों में एक सामान्य वर्ग के छात्र को छोड़कर सभी एसटी समुदाय से हैं। उन्होंने कहा कि नीट उत्तीर्ण 22 छात्रों में से 13 की काउंसलिंग के परिणाम प्राप्त हुए हैं, जिनमें 9 ने एमबीबीएस और 2 ने बीडीएस में प्रवेश लिया है। वहीं, जेईई के माध्यम से दो छात्रों ने एनआईटी रायपुर में दाखिला हासिल किया है। बाकी छात्रों की काउंसलिंग जारी है।

एनएमडीसी ने उपलब्धि को बताया गर्व का क्षण

एनएमडीसी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता वंचित समुदायों के युवाओं के लिए शिक्षा के अवसर पैदा करने के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ये छात्र केवल प्रोफेशनल डिग्री हासिल नहीं कर रहे, बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए बदलाव के वाहक बन रहे हैं।

नवीनतम दाखिलों के बाद दंतेवाड़ा के विद्यार्थी सीआईएमएस बिलासपुर, गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज रायपुर और एनआईटी रायपुर जैसे संस्थानों में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। शेष विद्यार्थियों की काउंसलिंग पूरी होने के बाद उपलब्धियों का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

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