नई दिल्ली । भारत में आयोजित 18वें BRICS Summit के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आज अहम द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। बैठक से पहले चीन ने भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। बीजिंग ने दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा है कि चीन भारत के साथ ‘अच्छे पड़ोसी’ की तरह संबंध मजबूत करना चाहता है।
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि दोनों देशों को अपने नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन को आगे बढ़ाते हुए आपसी संबंधों को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने बातचीत और सहयोग के माध्यम से मतभेदों को समझदारी से सुलझाने तथा दोनों देशों के विकास के लिए एक-दूसरे का सहयोग करने की बात कही।
तीसरे साल लगातार आमने-सामने होंगे मोदी और शी
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यह लगातार तीसरे वर्ष होने वाली मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात कजान और तियानजिन में हो चुकी है। इस बार बैठक नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान होगी।
रिपोर्टों के अनुसार, शी जिनपिंग 12 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे नई दिल्ली पहुंचने वाले हैं, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक शाम करीब 5:45 बजे निर्धारित है।
सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आ रहे हैं। वर्ष 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। सीमा विवाद और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों ने भी दोनों देशों के बीच रिश्तों को प्रभावित किया।
हाल के वर्षों में दोनों देश सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए संबंधों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में मोदी-शी बैठक को द्विपक्षीय रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
चीन ने बातचीत और सहयोग पर दिया जोर
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी भारत के साथ ‘अच्छे पड़ोसी’ जैसे संबंध बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि चीन बातचीत और समझौते के जरिए विवादों के समाधान का समर्थन करता है।
माओ निंग ने ईरान-अमेरिका तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि चीन BRICS देशों के साथ मिलकर बातचीत, शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए काम करने को तैयार है।
BRICS में शांति और विकास पर चीन का फोकस
चीन ने BRICS को विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया है। बीजिंग का कहना है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और साझा चुनौतियों का समाधान तलाशना जरूरी है।
मोदी-शी बैठक से पहले चीन की ओर से आए इन बयानों को भारत-चीन संबंधों में तनाव कम करने और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और अन्य रणनीतिक मुद्दे अब भी महत्वपूर्ण चुनौतियां बने हुए हैं।