यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद स्टार्टअप और उद्यमिता पर दिया जोर

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों, युवा नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमिता के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाले बनें।

कॉन्क्लेव का आयोजन 28 से 30 सितंबर तक किया जा रहा है। इसमें नवाचार, स्टार्टअप, कृषि-तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और उद्यमिता से जुड़े युवा हिस्सा ले रहे हैं।

स्टार्टअप और निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं के विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए राज्य सरकार स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने युवाओं से केंद्र और राज्य सरकार की स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति-2024 में भी नए उद्यमियों के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।

महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वर्गों की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का दावा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को अब तक करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, ऊर्जा क्षमता और देश के मध्य में स्थित भौगोलिक स्थिति के साथ सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार से उद्योग और उद्यमिता के लिए नए अवसर बन रहे हैं।

कृषि और वनोपज में वैल्यू एडिशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि और वन संपदा युवाओं के लिए उद्यमिता के बड़े अवसर पैदा कर सकती है। उन्होंने बस्तर समेत वन क्षेत्रों में उपलब्ध इमली, महुआ, सीताफल और औषधीय पौधों जैसी वनोपज के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात की पूरी श्रृंखला विकसित करके किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने सुगंधित धान की किस्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसी किस्मों को बेहतर ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की संभावनाएं हैं।

युवाओं ने पूछे फंडिंग और रोजगार से जुड़े सवाल

कॉन्क्लेव में युवाओं ने मुख्यमंत्री से स्टार्टअप फंडिंग, लोन में कोलेटरल, सरकारी योजनाओं, रोजगार सृजन, हॉर्टिकल्चर विद्यार्थियों के कौशल, सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम तथा प्रस्तावित फिल्म सिटी से जुड़े अवसरों पर सवाल किए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नए प्रयोग करने और असफलता से नहीं डरने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी नए विचार को बदलाव का माध्यम बनाने के लिए उसे मेहनत, कौशल और उद्यमिता से जोड़ना जरूरी है।

बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। यह केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी आधारित अनुसंधान, नवाचार, तकनीक हस्तांतरण, स्टार्टअप विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। केंद्र में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन सुविधाओं का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने बायोसेफ्टी लैब, एनिमल कल्चर लैब, माइक्रोबियल सेल और प्लांट टिश्यू कल्चर लैब सहित विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से चर्चा भी की।

उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं के लिए “आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से एंटरप्राइज” तक की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विकसित छत्तीसगढ़ में युवाओं की भूमिका पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में युवाओं की सक्रिय भूमिका से नए रोजगार और व्यवसाय के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

कॉन्क्लेव में कृषि एवं एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, AI, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स अपने उत्पाद और तकनीक प्रदर्शित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही अवसर, तकनीकी सहयोग और उपयुक्त मंच उपलब्ध कराने की है। उन्होंने युवाओं से उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़कर खुद के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करने का आह्वान किया।

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