एमसीबी । भारत निर्वाचन आयोग ने देश के युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं में चुनावी साक्षरता एवं लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी क्रम में लखनऊ में ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC 2.0) और ECINET’ विषय पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र में मजबूत निवेश
उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों से पहुंचे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “छात्र ही हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं।” उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और युवाओं में चुनावी प्रक्रिया की सही समझ विकसित करने में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में चुनावी प्रक्रिया को लेकर विश्वास, जागरूकता और जिम्मेदारी विकसित करना लोकतंत्र के भविष्य में किया गया मजबूत निवेश है।
पारदर्शी और व्यवस्थित है भारतीय चुनाव प्रणाली
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराए जाते हैं।
उन्होंने युवाओं से मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना सहित निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की सही जानकारी हासिल करने का आह्वान किया।
‘लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें’
सम्मेलन में ELC 2.0 को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। इसकी टैगलाइन “लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।” (Learn Democracy – Lead Democracy) रखी गई है।
ELC 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संचालित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को डिजिटल रूप से सक्षम और प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इन क्लबों के माध्यम से पूरे वर्ष युवाओं, उनके परिवारों और समुदायों के बीच चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
ECINET से जुड़ेगा देशभर का ELC नेटवर्क
ELC 2.0 को ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। समर्पित ELC पोर्टल के माध्यम से देशभर के क्लबों का मजबूत नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
इसके जरिए युवाओं को मतदाता सूची, पंजीकरण, मतदान और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित प्रमाणिक एवं उपयोगी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
25 करोड़ छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य
निर्वाचन आयोग ने इस पहल के जरिए देश के विशाल शैक्षणिक नेटवर्क तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है। देश में करीब 15 लाख स्कूलों में लगभग 25 करोड़ विद्यार्थी और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। वहीं उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालयों और 70 हजार संस्थानों में लगभग 4.33 करोड़ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
ELC 2.0 के माध्यम से इस व्यापक नेटवर्क का उपयोग युवाओं को तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा देने के लिए किया जाएगा। आयोग का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ मतदाता ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्वाचन प्रक्रिया के जागरूक एवं जिम्मेदार दूत के रूप में तैयार करना है।
अपने पुराने कॉलेज पहुंचे ज्ञानेश कुमार
लखनऊ दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने पूर्व शिक्षण संस्थान कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज का भी दौरा किया। उन्होंने शिक्षकों और छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन की पुरानी यादें साझा कीं।
दौरे के दूसरे दिन वे उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ बैठक कर जमीनी स्तर पर निर्वाचन तैयारियों, कार्यप्रणाली और सुधारों की समीक्षा करेंगे।
ELC 2.0 को निर्वाचन आयोग की ऐसी पहल माना जा रहा है, जिसके जरिए युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने, संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित करने और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।