भूखण्ड या भवन खरीदने से पहले जांचें दस्तावेज, अवैध कालोनियों पर प्रशासन की सख्ती

रायपुर |  नगरीय क्षेत्रों में अवैध कालोनियों के निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने और नागरिकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन ने आम लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूखण्ड, मकान या अपार्टमेंट खरीदने से पहले संबंधित नगरीय निकाय से कालोनाइजर का पंजीयन, विकास अनुमति और स्वीकृत ले-आउट की जांच जरूर करनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम, 1998 के तहत नगरीय क्षेत्रों में कालोनी विकसित करने वाले व्यक्ति के लिए कालोनाइजर के रूप में पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसी तरह भवन या अपार्टमेंट का निर्माण कर उसका विक्रय अथवा अंतरण करने वाले भवन निर्माता के लिए भी पंजीयन प्रमाण-पत्र लेना आवश्यक है।

अवैध कालोनी निर्माण पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान

अधिनियम की धारा 339-क के तहत भूमि को भूखण्डों में विभाजित कर कालोनी विकसित करने वाले व्यक्ति का कालोनाइजर के रूप में पंजीयन अनिवार्य है। वहीं अवैध व्यपवर्तन अथवा अवैध कालोनी निर्माण के मामलों में धारा 339-ग के तहत तीन से सात वर्ष तक के कारावास और न्यूनतम एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। न्यायालय द्वारा प्रतिकर राशि के भुगतान का आदेश भी दिया जा सकता है।

नियमों के अनुसार कालोनाइजर का पंजीयन प्रमाण-पत्र पांच वर्ष के लिए वैध रहता है। प्रत्येक कालोनी के विकास कार्य और भूखण्डों के विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी से पृथक विकास अनुमति लेना भी आवश्यक है।

कालोनी में 15 प्रतिशत भूमि EWS के लिए आरक्षित

प्रावधानों के तहत आवासीय कालोनियों में कुल भूमि का 15 प्रतिशत क्षेत्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। इसके अलावा निर्धारित भूखण्डों को विकास कार्य पूर्ण होने तक नगरपालिका के पास बंधक रखना होता है।

भूखण्ड खरीदने से पहले इन दस्तावेजों की करें जांच

सूरजपुर जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखण्ड, भवन या अपार्टमेंट की खरीदारी से पहले संबंधित नगरीय निकाय से आवश्यक दस्तावेजों की जांच अवश्य करें। इनमें प्रमुख रूप से—

  • कालोनाइजर का वैध पंजीयन प्रमाण-पत्र
  • कालोनी की विकास अनुमति
  • सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत ले-आउट
  • भूखण्ड की बंधक स्थिति

की जांच करना जरूरी है।

प्रशासन ने कालोनाइजरों और भवन निर्माताओं से भी सभी निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने कहा कि नागरिकों की जागरूकता और खरीदारी से पहले दस्तावेजों की जांच से अवैध कालोनियों तथा अनधिकृत निर्माण के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।

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