NEET-UG पेपर लीक पर CBI का बड़ा खुलासा, NTA एक्सपर्ट्स पर प्रश्नपत्र लीक कराने का आरोप

नई दिल्ली |  NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी की चार्जशीट के मुताबिक, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर पहुंचाई।

CBI की जांच में सामने आया है कि तीन विषयों के विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई और उसे लीक करने में भूमिका निभाई। मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 10 अगस्त को चार्जशीट पर संज्ञान ले सकती है।

तीन विषय विशेषज्ञों पर आरोप

CBI के अनुसार, जांच में बॉटनी-जूलॉजी विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी (पीवी कुलकर्णी) और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवालदार की भूमिका सामने आई है।

जांच एजेंसी का दावा है कि कुछ विशेषज्ञों ने प्रश्नों को लिखकर बाहर पहुंचाया, जबकि कुछ ने उन्हें याद कर लिया था। इसके बाद प्रश्नों को अलग-अलग माध्यमों से उम्मीदवारों तक पहुंचाया गया।

परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को कराई गई तैयारी

CBI के मुताबिक, अप्रैल 2026 में पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने पुणे में कथित तौर पर विशेष रिवीजन सेशन आयोजित किए। इन सत्रों में उम्मीदवारों को प्रश्न, विकल्प और उत्तर बताए जाने का आरोप है।

वहीं, फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवालदार पर आरोप है कि उन्होंने प्रश्न फिजिक्स लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को बताए, जिसके बाद हस्तलिखित नोट्स की तस्वीरें लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर तक पहुंचाई गईं।

10-12 लाख रुपये में बांटे गए प्रश्नपत्र?

CBI की चार्जशीट के अनुसार, प्रश्नों की जानकारी आगे बढ़ते हुए कई उम्मीदवारों तक पहुंची और कथित तौर पर इसे लाखों रुपये में उपलब्ध कराया गया। जांच में दावा किया गया है कि कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले प्रश्नों को याद कराया गया।

मामले की जांच जारी है और कोर्ट में आगे की सुनवाई के बाद आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। CBI ने अपनी जांच में परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं को सामने रखा है।

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