नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में गुरुवार सुबह अवैध निर्माणों के खिलाफ MCD और प्रशासन की बड़ी कार्रवाई शुरू हुई। बुलडोजर के जरिए इलाके में बने अवैध स्ट्रक्चर और अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, DDA ने पहले ही यमुना बाजार क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी कर जगह खाली करने के निर्देश दिए थे। नोटिस में घाट नंबर 2 से 32 के बीच रह रहे लोगों को स्वेच्छा से जगह खाली करने को कहा गया था। चेतावनी दी गई थी कि ऐसा नहीं करने पर प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इलाके में करीब 310 मकान हैं, जहां लगभग 1100 लोग रहते हैं। कार्रवाई की संभावना को देखते हुए कई परिवार पहले ही अपना सामान लेकर दूसरी जगह जा चुके हैं, जबकि कुछ लोग अभी भी अपने घरों में मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई से पहले पानी की सुविधा प्रभावित की गई और कनेक्शन काट दिए गए। वहीं प्रशासन ने प्रभावित लोगों को रहने के लिए अस्थायी आश्रय और रैन बसेरों का विकल्प दिया है।
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में अवैध रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा था कि बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण यमुना के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण के लिए खतरा बन सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई यमुना के डूब क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से की जा रही है। वहीं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी व्यवस्था की जा रही है।