रायपुर । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने युवाओं से आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होना चाहिए।
राज्यपाल श्री डेका आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़, बिलासपुर के सप्तम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर पिछले पांच वर्षों के कुल 24 हजार 800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा की उपाधियां प्रदान की गईं।
अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखें युवा : राज्यपाल
राज्यपाल ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता में माता-पिता, गुरुजनों और शिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान है। दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में नई ऊर्जा और नई जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को दूसरों की नकल करने या उनसे अपनी तुलना करने के बजाय अपनी विशिष्ट प्रतिभा को पहचानना चाहिए। जीवन में अपना स्थान स्वयं बनाना पड़ता है। आज रोजगार और आजीविका के अनेक नए अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे में युवा अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें।
राज्यपाल ने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने में सहयोग करें।
डिजिटल तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी
श्री रमेन डेका ने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल तकनीक ने ज्ञान तक पहुंच को आसान बनाया है। युवाओं को इन सुविधाओं का सही उपयोग करते हुए अपनी विचारशक्ति और रचनात्मक क्षमता विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी। साथ ही जीवन में आंतरिक संतुष्टि, संतुलन और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की आवश्यकता पर जोर दिया।
छोटे प्रयासों से भी आ सकता है सामाजिक बदलाव
राज्यपाल ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए बड़े पद या संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
उन्होंने युवाओं से ऐसा कार्य करने का आह्वान किया, जिसका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना हो।
अरुण साव ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को सराहा
समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उन लोगों के सपनों को साकार कर रहा है, जो नौकरी, व्यवसाय या अन्य परिस्थितियों के कारण नियमित शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते।
श्री साव ने विश्वविद्यालय को नैक की ‘ए प्लस’ ग्रेडिंग मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने और शिक्षा की पहुंच का विस्तार करने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वेबसाइट का लोकार्पण और स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन
दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की उन्नत आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया गया। साथ ही स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन भी हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से एकलव्य विद्यालय देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को स्कूल बैग, स्वेटर, टिफिन और पानी की बोतलें वितरित की गईं।
कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्र शर्मा, नैक अध्यक्ष श्री नागेश्वर राव और विश्वविद्यालय के कुलपति श्री वीरेंद्र कुमार सारस्वत उपस्थित रहे।
हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्र शर्मा ने दीक्षांत भाषण दिया, जबकि नैक अध्यक्ष श्री नागेश्वर राव ने भी समारोह को संबोधित किया।
कुलपति श्री वीरेंद्र कुमार सारस्वत ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी।
समारोह में विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के सदस्य, अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापक, विद्यार्थी, अभिभावक और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।