BRICS Summit: इथियोपिया ने भारतीय खनन कंपनियों को दिया न्योता, मलेशिया संग सेमीकंडक्टर सहयोग पर बनी सहमति

नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। दोनों बैठकों में आर्थिक, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के साथ नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठकों में दोनों देशों के साथ भारत के संबंधों की प्रगति की समीक्षा की गई। इथियोपिया ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत करते हुए विशेष रूप से भारतीय खनन कंपनियों को अपने देश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही इथियोपिया ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने में रुचि दिखाई।

मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच हुई बैठक में व्यापार एवं निवेश, रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, फिनटेक, शिक्षा और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई।

दोनों नेताओं ने फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान हुए समझौतों और पहलों की प्रगति पर भी चर्चा की। मलेशिया ने सबाह के कोटा किनाबालु में भारत का वाणिज्य दूतावास खोलने के लिए सहमति जताई।

इथियोपिया ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की जताई इच्छा

पीएम मोदी और अबी अहमद अली के बीच बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी का स्वागत करते हुए कहा कि उसकी मौजूदगी ने ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज को मजबूत किया है।

इथियोपिया ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने और भारतीय उद्योगों व निवेशकों के लिए अपने बाजार को अधिक अवसर देने की इच्छा जताई। दोनों देशों के बीच क्षमता निर्माण और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

ब्रिक्स के मंच से बढ़ रही रणनीतिक साझेदारी

भारत इस वर्ष नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानवता सर्वोपरि’ दृष्टिकोण पर आधारित है।

इन द्विपक्षीय बैठकों से भारत के लिए खनन, रक्षा, सेमीकंडक्टर, निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

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