भाजपा का आरोप : सरकार की पोल खोलने की वजह से जयराम दुबे की गाड़ी में पुलिस ने रखी शराब

भाजपा आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जयराम दुबे ने आरटीआई आवेदन लगाकर गोबर खरीदी घोटाला खोला था। सरकार की पोल खोलने की वजह से जयराम दुबे की गाड़ी में पुलिस ने शराब रख कर फंसाया है। दस्तावेजों से यह बात सामने आई थी कि गोठानों ने उन लोगों से गोबर खरीदना दिखाया है जो गांव में रहते ही नहीं है। ऐसे भी लोग हैं जिनके पास मवेशी भी नहीं है। उन्होंने आबकारी विभाग के भ्रष्टाचार और कोविड दवा खरीदी से जुड़ी अनियमितता का मामला भी उजागर किया। इसकी वजह से सरकार उन्हें फंसा रही है।
राजनांदगांव पुलिस ने 21 सितम्बर की रात पाटेकोहरा चेकपोस्ट पर भाजपा नेता जयराम दुबे को 13 लीटर शराब के साथ पकड़ा है। आरोप है कि, वे महाराष्ट्र से शराब तस्करी कर रहे थे। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया है कि जयराम दुबे, सूचना का अधिकार कानून-आरटीआई का उपयोग कर सरकार की पोल खोल रहे थे। इसकी वजह से दुबे को शराब तस्करी के मामले में फंसाया गया है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता, नलिनीश ठोकने और भाजपा आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय एकात्म परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उनका कहना था, जयराम दुबे आरटीआई प्रकोष्ठ के नेता हैं। वे नागपुर से रायपुर आ रहे थे। उनकी गाड़ी पर बड़े अक्षरों में सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ-भाजपा लिखा हुआ था। उसी से उनकी पहचान कर 30-35 पुलिस कर्मियों ने उनको रोका। उनसे कार की डिक्की खोलने को कहा गया। नेताओं ने बताया, पुलिस वालों ने खुद ही उनकी गाड़ी में शराब की बोतलें रखी। बीजेपी नेताओं का कहना है कि, कार को चलवाकर बैरीकेट तक ले गए और वहां शराब जब्ती का अभिनय किया। उनके खिलाफ आबकारी कानून के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उनके किसी परिजन को गिरफ्तारी की सूचना भी नहीं दी गई। भाजपा नेताओं का आरोप था कि सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं को ऐसे ही झूठे मामलों में फंसा रही है। भाजपा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। चिचोला पुलिस चौकी पर पुलिस ने जयराम दुबे से 13 लीटर महाराष्ट्र में बनी देसी-विदेसी शराब की जब्ती दिखाई।

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