कानपुर | उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के मंधना और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान लोगों का गुस्सा अब जनप्रतिनिधियों के जरिए बाहर आने लगा है। बिठूर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन पर जमकर आड़े हाथों लिया। अधिकारी से उनकी बातचीत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मंधना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार बिजली कटौती और कम वोल्टेज की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे स्थानीय ग्रामीण और व्यापारी काफी परेशान थे। 16 सितंबर को जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता से फोन पर संपर्क किया और व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई।
वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आधिकारिक नियम तय है, तो फिर मंधना में पूरी-पूरी रात बिजली क्यों गायब रहती है।
“हम गाली सुनने के लिए नहीं बैठे हैं”
फोन पर बातचीत के दौरान विधायक का गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिला। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जनता की समस्याएं सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है और अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं, तो जनता अपनी फरियाद लेकर कहां जाएगी।
गुस्से में विधायक ने यहां तक कह दिया, “जनता केवल गाली खाने के लिए थोड़े ही बनी है, या हम अधिकारी-कर्मचारियों की नाकामी की वजह से जनता की गालियां खाने के लिए बने हुए हैं?”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति और व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो वह चुप नहीं बैठेंगे और सीधे बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचकर जवाब मांगेंगे।
पहले भी उठा चुके हैं कड़े कदम
मंधना या ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट को लेकर अभिजीत सिंह सांगा पहले भी मुखर रहे हैं। इससे पहले सितंबर के शुरुआती हफ्ते में उन्होंने भीतरगांव ब्लॉक के कई गांवों का दौरा कर बिजली कटौती पर अधिकारियों को घेरा था। वहीं, जून के महीने में भी उन्होंने दक्षिणांचल विद्युत अधिकारियों के साथ बैठक कर अघोषित कटौती रोकने के कड़े निर्देश दिए थे।
बहरहाल, विधायक की इस तीखी फटकार के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों पर दवाब बढ़ गया है, और अब देखना यह होगा कि स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति कितनी जल्दी सुधरती है।