बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ सेंटर रायपुर ने किया मीडिया इंटरैक्शन इनफर्टिलिटी और आईवीएफ से जुड़े मिथकों पर चर्चा

बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ सेंटर, रायपुर ने  मीडिया इंटरैक्शन का आयोजन किया। इस मौके पर डॉ. नमिता चंद्रा वर्मा, ऑब्स्टेट्रिशियन एवं इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ ने आईवीएफ से जुड़ी जानकारी दी और कई मिथकों को दूर किया।

डॉ. वर्मा ने बताया कि आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक सहायक प्रजनन तकनीक है, जिसमें अंडाणु और शुक्राणु को शरीर के बाहर नियंत्रित माहौल में मिलाया जाता है। उन्होंने कहा, “हमारे रायपुर सेंटर में आधुनिक लैब, नए उपकरण और पर्सनलाइज्ड इलाज की वजह से आईवीएफ की सफलता दर 70-80प्रतिशत तक है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईवीएफ एक सुरक्षित और प्राकृतिक प्रक्रिया है। “आईवीएफ से जन्मे बच्चे बिल्कुल स्वस्थ होते हैं। जेनेटिक टेस्टिंग के कारण भ्रूण में गड़बड़ी की संभावना और भी कम हो जाती है,” उन्होंने कहा।

सेंटर में हर मरीज के लिए अलग-अलग इलाज की योजना बनाई जाती है। साथ ही रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हर महीने 4-5 निःशुल्क परामर्श शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जागरूकता पहुंच सके।

डॉ. वर्मा ने बताया, “महिलाओं की प्रजनन क्षमता उम्र के साथ घटती है। बेहतर होगा कि 35 साल की उम्र से पहले ही परामर्श लें, हालांकि आधुनिक जेनेटिक टेस्टिंग से बाद में भी सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं।”

उन्होंने एक कठिन केस का जिक्र किया, जिसमें 40 वर्षीय महिला ने खुद के अंडाणु से सफल गर्भधारण किया और अब उनकी डिलीवरी अगले महीने होने वाली है।

सीके बिरला ग्रुप का हिस्सा बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ के देशभर में 50 से अधिक सेंटर हैं। रायपुर सेंटर यहां के दंपत्तियों को विश्वस्तरीय तकनीक और संवेदनशील देखभाल के साथ माता-पिता बनने का सपना पूरा करने में मदद कर रहा है।

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