इस मंदिर के ऊपर से नहीं उड़ते पक्षी और हवाई जहाज, हवा के विपरीत दिशा में लहराता है झंडा

चार धामों में से एक जगन्नाथ पुरी के बारे में बहुत से फैक्ट्स हैं जो आपको जानने चाहिए।  यह बहुत ही प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। आप सभी जानते ही होंगे जगन्नाथ पुरी हिंदुओं का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, और यहाँ पर हर साल भारी संख्या में लोग दर्शन करने के लिए आते रहते हैं। अब आज हम आपको इस मंदिर से जुडी ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो आपको हैरान कर देगी।

जी दरअसल पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि गरुड़ पक्षी भगवान जगन्नाथ मंदिर की देखरेख करता है। जी दरअसल गरुड़ पक्षी को पक्षियों के राजा के रूप में जाना जाता है और जब स्वयं पक्षी राजा मंदिर और भगवान जगन्नाथ की देखभाल कर रहे हैं, तो इस वजह से अन्य पक्षी मंदिर के ऊपर से उड़ने में डरते हैं। इसी वजह से इस मंदिर के ऊपर कभी कोई पक्षी उड़ते हुए नहीं देखा गया। इसी के साथ ही अगर इसे वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो जगन्नाथ मंदिर पुरी एक तटीय क्षेत्र हो सकता है, जिस वजह से यहां हवाएं बेहद तेज चलती हैं। वहीं जगन्नाथ मंदिर की ऊंचाई लगभग 1000 फीट होने की वजह से हो सकता है, छोटे पक्षियों के लिए उस ऊंचाई पर तेज हवा के साथ उड़ पाना थोड़ा मुश्किल होगा।

इसके अलावा आपको बता दें कि जगन्नाथ मंदिर पुरी के ऊपर एक आठ धातु चक्र (गोल आकार) है, जिसे नीलचक्र के रूप में जाना जाता है। कहते हैं कि ये चक्र उड़ने वाले हवाई जहाजों के संचार में रुकावटें पैदा करता है और इसलिए विमान मंदिर के ऊपर से उड़ने से बचते हैं। अब अगर हम बात करें वैज्ञानिक या तर्कसंगत तरीके से तो पुरी भारत के हवाई यातायात मार्गों के अंतर्गत नहीं आता जिस वजह से स्पष्ट कारणों से विमान मंदिर के ऊपर उड़ते नहीं पाए जाते।

इसके अलावा आपको एक और चौकाने वाली बात बता दें कि यहाँ मंदिर के ऊपर लगा झंडा हवा के विपरीत दिशा में लहराता है जो आज तक रहस्य है।

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