बिलासपुर। विशाखापत्तनम की रहने वाली मां-बेटी ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से करीब 15 लाख रुपये ठग लिए। तोरवा पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, साई भूमि निवासी 68 वर्षीय एन. वेंकट सूर्यप्रताप ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2020 में उनकी बचपन की परिचित टी. इंद्राणी का फोन आया।
इंद्राणी ने उनके बेरोजगार बेटे एन. विजय किशन को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और कहा कि यह नियुक्ति मंत्री कोटा से कराई जाएगी। पुरानी पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने धीरे-धीरे परिवार का विश्वास जीत लिया। आरोपी मां-बेटी ने डिजिटल तरीके से ठगी को अंजाम दिया। फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को रेल मंत्रालय से जुड़ा बताया गया। इतना ही नहीं, 23 मई 2024 को एक नकली नियुक्ति पत्र भी भेजा गया, जो पूरी तरह असली जैसा दिख रहा था। इन दस्तावेजों के आधार पर पीड़ित को लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इंद्राणी ने रकम अपनी बेटी वलिवेटी वेंकट नागा कीर्ति के बैंक खाते में किस्तों में जमा कराने को कहा। पीड़ित ने कुल 18 बार में करीब 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में 4 लाख रुपये लेने के बाद आरोपी कभी कोरोना महामारी तो कभी चुनाव का हवाला देकर समय टालते रहे। जब काफी समय बाद भी नौकरी नहीं मिली और आरोपी ने और पैसे की मांग शुरू कर दी, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, ईमेल आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।