सक्ती-110 वर्षीय वयोवृद्ध संत नारायण दास बाबा को 25 दिसम्बर को मालखरौदा से लगे नगझर गांव में संन्यास परंपरा के अनुसार भू समाधि दे दी गई। 6 फीट गहरे गड्ढे में कुम्हीपटिया पंथ के साधुओं ने उन्हें सिद्धयोग मुद्रा में बिठाकर पंचामृत से स्नान कराया। इसके बाद अलेख महिमा की जय घोष करते हुए ब्रह्मलीन आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। बाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में उनके अनुयायी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। बीती रात से बाबा के अंतिम दर्शन के लिए लोगो का तांता लगा हुआ था। लोकेश चंद्रा के नगझर स्थित फार्म हाउस से बाबा की अंतिम यात्रा भक्तिभाव के साथ भजन कीर्तन करते हुए निकली और 4 किमी दूर क्रशर प्लांट के समीप उन्हे भू समाधि दे दी गई।

अंतिम यात्रा में खोखरा आश्रम से बाबा अमृत दास जी एवं उनके भक्त दुर्गेश त्यागी जी, भक्त रामप्रताप जी, भक्त महेंद्र दास जी, भक्त रामू भगत जी, भाटाकोना आश्रम से भक्त घासी राम भगत जी,भक्त कीर्तन भगत जी एवं भाजपा के जिलाध्यक्ष कृष्ण कांत चंद्रा, और चंद्रा क्रसर उद्योग के संचालक लोकेश चन्द्रा, किसान मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भूषण चन्द्रा, मालखरौदा भाजपा मंडल अध्यक्ष चंद्रकांत चन्द्रा, छपोरा भाजपा मंडल अध्यक्ष बबलू मैत्री, अधिवक्ता लेखराम चंद्रा, लक्ष्मण चन्द्रा, दिलीप चन्द्रा,प्रेमलाल बंजारे सहित बाबा के शिष्य गण बड़ी संख्या में शामिल हुए और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किए। इस पंथ की परंपरा के अनुसार 14 जनवरी को ग्राम नगझर में भोग भंडारा किया जाएगा जिसमें पंथ के प्रमुख साधु संत शामिल होंगे।
