हसदेव अरण्य बचाने के लिए बिलासपुर की सामाजिक कार्यकर्ता भारती मोदी ने कविताओं के माध्यम से व्यक्त की अपनी भावनाएं

राष्ट्रीय स्तर पर हसदेव अरण्य बचाने चल रहा बृहद रूप से जन जागरूकता अभियान

छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी विभिन्न संस्थाओं ने लिखा पत्र

सक्ति-हसदेव अरण्य को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जहां एक विशेष जन जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई है, तो वही बिलासपुर की सामाजिक कार्यकर्ता एवं वत्सला एक सोच की डायरेक्टर भारती हेमंत मोदी ने भी कविताओं की पंक्तियों के माध्यम से हसदेव अरण्य को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्ति हैं, तथा भारती मोदी ने कहा है कि–आज प्रकृति ही हमारी पूंजी है, हमारा धन है, तथा प्रकृति को बचाने एवं उसे संरक्षित करने की दिशा में हम सभी को संयुक्त रूप से मिलजुल कर आगे आना होगा, भारती मोदी कहती हैं कि–

“हसदेव कि पुकार सुनो तुम”

मत काटो मुझको, मै भी एक माँ हूं,मै सिर्फ देना जानती हु, लेना तुमसे कुछ नही,अपना पोषण खुद करती हु,पंछियों को आश्रय देती हु,ना जाने कितने पंछियों का आसरा हु,उनके बच्चो की दादी–नानी हु,है तुम्हारे भी तो बच्चे खेलते मेरे पास में, कभी तुम भी तो खेले होगे मेरी छाव में,उन आदिवासियों ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा,जिनसे तुम्हारा कोई वास्ता नहीं,नही तुम्हारी दुनिया में आते वो,उन्हें तुमसे कुछ मांगना आता नही,ये जंगल ही उनके जीवन का आसरा है,मत उनका घर उजाडो तुम,ये तो बताओ कि आने वाली पीढ़ी को, तुम क्या देके जाओगे,
जब जंगल ही नही रहेंगे,
ताजी हवा कहां से पाओगे,
क्यों बीमारी दे रहे हो अपनी आने वाली पीढ़ी को, उनका भी हक है खुली हवा में जीने का,उनका हक छीनो तुम,हसदेव के जंगल यही पुकार रहे, इस मातृत्व दिवस यही मांग रहे, मत अपनी माँ को काटो तुम,मत अपनी माँ को काटो तुम।।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *