BRICS से दूरी के बाद भारत के करीब आ रहा बांग्लादेश, ढाका ने कहा- नई दिल्ली से रिश्ते रीसेट करना चाहते हैं

नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक बार फिर नई हलचल देखने को मिल रही है। BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने के कुछ ही समय बाद बांग्लादेश ने भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने की इच्छा जताई है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि ढाका नई दिल्ली के साथ एक नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहता है और इसके लिए द्विपक्षीय बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

‘नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहते हैं’
बांग्लादेशी विदेश राज्य मंत्री के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों को बहुपक्षीय मंचों के बजाय सीधे द्विपक्षीय संवाद के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ढाका भारत के साथ अच्छे और व्यावहारिक संबंध चाहता है।

कबीर ने शेख हसीना के शासनकाल को दोनों देशों के रिश्तों का एक ‘असहज फेज’ बताते हुए संकेत दिया कि बांग्लादेश अब संबंधों को एक नए आधार पर आगे ले जाना चाहता है।

उन्होंने दोनों देशों के संबंधों में संतुलन की जरूरत पर जोर देते हुए एक सवाल के जवाब में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर नाश्ता, लंच और डिनर हर बार भारत में ही हो तो फिर अपना खाना कब खाएंगे। उनके इस बयान को बांग्लादेश की विदेश नीति में अधिक संतुलन की जरूरत के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

BRICS के न्योते पर क्यों नहीं पहुंचा बांग्लादेश?
भारत में 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ। बांग्लादेश को भी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन ढाका ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।

बांग्लादेश की ओर से कहा गया कि उसके प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत हैसियत में नहीं, बल्कि BIMSTEC के चेयरमैन के तौर पर निमंत्रण दिया गया था। इसी वजह से बांग्लादेश ने सम्मेलन में शामिल नहीं होने का फैसला किया।

BRICS से पहले भारत की ओर से दोनों देशों के बीच अलग द्विपक्षीय बैठक का प्रस्ताव भी रखा गया था। प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 22 अगस्त को भारत आने का कार्यक्रम था, लेकिन यात्रा से पहले ही यह कार्यक्रम टल गया।

शेख हसीना के मुद्दे ने बढ़ाया था तनाव
भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की एक बड़ी वजह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मुद्दा भी है। अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए व्यापक युवा आंदोलन के बाद शेख हसीना सत्ता से बाहर हो गई थीं और इसके बाद उन्होंने भारत में शरण ली।

बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ कई मामले चल रहे हैं और ढाका लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है। इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच संबंधों को काफी प्रभावित किया है।

अब आगे क्या चाहता है ढाका?
बांग्लादेश के ताजा बयान से संकेत मिल रहा है कि ढाका भारत के साथ रिश्तों में तनाव कम करने और बातचीत का नया रास्ता तलाशने के पक्ष में है। हालांकि शेख हसीना के प्रत्यर्पण समेत कई संवेदनशील मुद्दे अब भी दोनों देशों के बीच मौजूद हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बांग्लादेश की ‘नए रिश्ते’ की पहल को भारत किस तरह लेता है और क्या दोनों देश लंबित मुद्दों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ पाते हैं।

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