एनटीपीसी नवा रायपुर में डिजिटल बैंकिंग और साइबर फ्रॉड पर जागरूकता सत्र आयोजित, आरबीआई विशेषज्ञों ने दिए बचाव के टिप्स

नवा रायपुर । राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अंतर्गत एनटीपीसी नवा रायपुर ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), नवा रायपुर के सहयोग से डिजिटल बैंकिंग, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और साइबर फ्रॉड विषय पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया। 9 अक्टूबर 2026 को एनटीपीसी नवा रायपुर कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को डिजिटल वित्तीय सेवाओं के सुरक्षित उपयोग और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के विशेषज्ञों ने डिजिटल बैंकिंग के विकास, एनबीएफसी की भूमिका और साइबर अपराधों की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। सत्र में एनटीपीसी के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

आरबीआई के विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

जागरूकता सत्र में भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक अमरेंद्र गुप्ता ने आरबीआई की भूमिका और भारत में डिजिटल बैंकिंग के विकास पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते महत्व और वित्तीय सेवाओं में इसके योगदान से जुड़े विषयों पर प्रकाश डाला।

आरबीआई के मैनेजर देवव्रत सरकार ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) तथा साइबर फ्रॉड से संबंधित पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और वित्तीय लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतने के महत्व पर जानकारी दी।

वहीं, आरबीआई के असिस्टेंट समीर धनवार ने विषय से संबंधित प्रश्नोत्तरी आयोजित की, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों की जानकारी और जागरूकता को बढ़ावा दिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया आरबीआई की टीम का स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि एस. मधु, मुख्य महाप्रबंधक (राख प्रबंधन), एनटीपीसी ने भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक अमरेंद्र गुप्ता और उनकी टीम का स्वागत किया। इस दौरान कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को उपयोगी और संवादात्मक बनाया।

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह प्रत्येक वर्ष अक्टूबर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा डिजिटल संसाधनों, सूचनाओं और परिचालन प्रणालियों की सुरक्षा को प्रोत्साहित करना है।

एनटीपीसी नवा रायपुर और भारतीय रिजर्व बैंक की इस संयुक्त पहल ने कर्मचारियों को डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल, वित्तीय धोखाधड़ी के संभावित जोखिमों और साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।

इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम डिजिटल वित्तीय सेवाओं के बढ़ते उपयोग के दौर में सुरक्षित लेनदेन की आदतों को प्रोत्साहित करने और साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक नागरिक एवं कर्मचारी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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