सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर हमले, 3 की मौत और 10 घायल; अमेरिका ने गैर-जरूरी कर्मचारियों को लौटने का दिया आदेश

रियाद । सऊदी अरब में बुधवार देर रात हवाई हमलों और ड्रोन हमलों के बीच दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक सऊदी निवासी की मौत हुई और आठ लोग घायल हो गए। वहीं, सऊदी अरामको के शायबह तेल क्षेत्र में ड्रोन को रोकने के बाद गिरे मलबे से दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए।

इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने यह कदम नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों के मद्देनजर उठाया है।

दम्माम एयरपोर्ट पर हमले से उड़ानें प्रभावित

सऊदी अरब के पूर्वी शहर दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार देर रात हमला हुआ। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए। हमले से एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है।

घटना के बाद विमानों के मार्ग में बदलाव किया गया। कुछ उड़ानों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा गया, जबकि एयरपोर्ट पर परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। दम्माम फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है और बहरीन तथा कतर के नजदीक होने के कारण रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यह भी बताया कि देश के पूर्वी क्षेत्र में चार ड्रोन हमलों को नाकाम किया गया। हालांकि, दम्माम एयरपोर्ट पर हुए ताजा हमले के लिए हूती विद्रोहियों की जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शायबह तेल क्षेत्र में ड्रोन का मलबा गिरने से दो की मौत

सऊदी अरब के शायबह तेल क्षेत्र में एक ड्रोन को रोकने के बाद उसका मलबा गिरने से दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक शामिल हैं। इस घटना में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं।

शायबह तेल क्षेत्र सऊदी अरब के प्रमुख तेल उत्पादन केंद्रों में से एक है। यहां हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मलबा गिरने से एक ठेकेदार के वाहन में आग भी लग गई।

अमेरिका ने गैर-जरूरी कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने को कहा

सऊदी अरब में लगातार हो रहे हमलों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अमेरिकी प्रशासन ने नागरिक एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं पर हमलों तथा उनसे पैदा हुए सुरक्षा जोखिमों को इस फैसले की वजह बताया है। अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को भी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और संभावित हमलों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।

अन्य खाड़ी देशों से भी अमेरिकी कर्मचारियों के परिवारों को हटाए जाने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि औपचारिक रूप से अनिवार्य प्रस्थान का आदेश सऊदी अरब में गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए जारी किया गया है।

सऊदी अरब में बढ़े हवाई हमले, सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव

सऊदी अरब में अक्टूबर के दौरान हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले हुए हमलों में भी लोगों की मौत और बड़ी संख्या में घायल होने की खबरें आई थीं। इन घटनाओं के चलते उड़ान संचालन प्रभावित हुआ और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करना पड़ा।

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच संघर्ष के तेज होने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है। हूती विद्रोहियों ने पहले भी सऊदी अरब के कुछ ठिकानों पर हमलों का दावा किया है। हालांकि, हर ताजा घटना में हमलावरों की पहचान और जिम्मेदारी की पुष्टि अलग से आवश्यक है।

पश्चिम एशिया में बढ़ती चिंता

सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका की ओर से गैर-जरूरी राजनयिक कर्मचारियों को हटाने का फैसला भी इसी सुरक्षा स्थिति के बीच आया है।

यदि हमले जारी रहते हैं, तो क्षेत्र में हवाई यातायात, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल, सऊदी अधिकारी हमलों से हुए नुकसान और सुरक्षा स्थिति का आकलन कर रहे हैं, जबकि क्षेत्र में आगे की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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