रायपुर । छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयास अब धरातल पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरुवत में वर्षों से किराये के कमरे में संचालित आंगनबाड़ी अब अपने नवीन भवन में संचालित हो रही है। इससे गांव के बच्चों और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
योजनाओं के अभिसरण से हुआ भवन निर्माण
सरुवत जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में स्थायी आंगनबाड़ी भवन की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। सीमित स्थान और संसाधनों के कारण बच्चों की गतिविधियों के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी चुनौतीपूर्ण था।
वर्ष 2025-26 में विकसित भारत-जी रामजी योजना, 15वें वित्त आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के अभिसरण से 11.69 लाख रुपये की लागत से नवीन आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत किया गया। इसमें विकसित भारत-जी रामजी योजना से 8 लाख रुपये, 15वें वित्त आयोग से 1.69 लाख रुपये तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से 2 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और निर्माण सामग्री को स्थल तक पहुंचाने की कठिनाइयों के बावजूद ग्राम पंचायत और स्थानीय समुदाय के सहयोग से भवन का निर्माण निर्धारित समय से पहले मार्च 2026 में पूरा कर लिया गया।
47 बच्चों और 9 माताओं को मिल रही सेवाएं
नवीन भवन में वर्तमान में 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के 47 बच्चे नियमित रूप से आ रहे हैं। यहां बच्चों को खेल-खेल में सीखने, प्रारंभिक शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिल रहा है। इसके साथ ही 9 गर्भवती एवं शिशुवती माताएं भी आंगनबाड़ी की सेवाओं का लाभ ले रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती जयमुनी गोंड द्वारा बच्चों और माताओं से नियमित संपर्क कर पूरक पोषण, स्वास्थ्य परामर्श, टीकाकरण संबंधी जानकारी और प्रारंभिक शिक्षा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
अभिभावकों में बढ़ा भरोसा
नए भवन के निर्माण से स्थानीय अभिभावकों में भी खुशी और भरोसा बढ़ा है। बालिका वर्षा की मां श्रीमती राजमती ने बताया कि पहले बच्चों को आंगनबाड़ी भेजते समय चिंता रहती थी, लेकिन अब सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलने से बच्चों की देखभाल एवं गतिविधियां व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही हैं।
सरुवत की यह पहल बताती है कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी अभिसरण, ग्राम पंचायत की सक्रिय भागीदारी और स्थानीय समुदाय के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में भी बाल विकास सेवाओं को मजबूत बनाया जा सकता है।
किराये के कमरे से अपने भवन तक पहुंची यह आंगनबाड़ी अब सरुवत के नौनिहालों के लिए सुरक्षित बचपन, बेहतर पोषण और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही है।