नई दिल्ली | NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए प्रदर्शनों के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड या आपराधिक पृष्ठभूमि है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार के इस फैसले को आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। पिछले कई सप्ताह से राजधानी में NEET-UG परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन, धरना और मार्च आयोजित किए गए थे।
मामलों की समीक्षा के बाद शुरू होगी रिहाई
दिल्ली सरकार ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों के मामलों की समीक्षा की जा रही है। समीक्षा पूरी होने के बाद पात्र प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि जिन छात्रों और युवाओं का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
आगे नहीं होगी प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई
गृह विभाग के आदेश के अनुसार, NEET-UG आंदोलन से जुड़े मामलों में आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन मामलों को आगे बढ़ाने के बजाय समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, ताकि छात्रों पर अनावश्यक कानूनी बोझ न पड़े।
29 जुलाई तक दर्ज हुई थीं 13 एफआईआर
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 तक NEET-UG प्रदर्शन से जुड़े मामलों में 13 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इन मामलों की जांच विभिन्न धाराओं के तहत चल रही थी।
दिल्ली सरकार का यह फैसला 28 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी आदेश के आधार पर लिया गया है।
सरकार ने छात्रों के भविष्य को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को प्रभावित नहीं होने देना चाहती। इसलिए शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल ऐसे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जो अन्य गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।