नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशा-मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना नशा-मुक्त भारत के निर्माण से ही शुरू होता है। देश के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शनिवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने ‘एकता दौड़’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने देश की एकता और अखंडता में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए नशा-मुक्त भारत के संकल्प को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
नशा-मुक्त भारत विकसित भारत की पहली शर्त
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें अनुच्छेद 370 को हटाना, नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में मिली सफलता और एक राष्ट्र, एक कर प्रणाली लागू करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि अब देश के सामने नशे की समस्या को समाप्त करने का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशा-मुक्त बनाने के लिए सरकार के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर प्रयास करना होगा। यह उपलब्धि देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
सरदार पटेल ने 1,218 दिनों में किया ऐतिहासिक राष्ट्र निर्माण
अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद मात्र 1,218 दिनों में अनेक रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश के भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के साथ राष्ट्रीय एकता को मजबूत आधार प्रदान किया। उनकी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
जनभागीदारी से पूरा होगा नशा-मुक्त भारत का संकल्प
गृह मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें युवाओं, महिलाओं, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और परिवारों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जागरूकता, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के माध्यम से नशे की समस्या का प्रभावी समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाएं और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित एकता दौड़ के माध्यम से भी देशवासियों को एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।