कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपनी आवाज का नमूना लेने के CID के आदेश को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामला विधानसभा चुनाव के दौरान डीजे बजाने को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान से जुड़ा है।
दरअसल, डीजे टिप्पणी मामले की जांच कर रही CID ने अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी थी, जिसे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी। इसके बाद आवाज का नमूना रिकॉर्ड करने के लिए 30 जून की तारीख तय की गई थी।
अभिषेक ने उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि जब उन्होंने संबंधित ऑडियो क्लिप में अपनी आवाज होने से इनकार नहीं किया है, तो फिर वॉयस सैंपल लेने की जरूरत क्यों है।
उनके वकील अयन भट्टाचार्य ने अदालत में दलील दी कि आवाज की पहचान को लेकर कोई विवाद नहीं है, ऐसे में नमूना लेने की प्रक्रिया का औचित्य समझ से परे है।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने डीजे बजाने को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 4 मई को चुनाव नतीजों के बाद ऐसा डीजे बजेगा कि कान झनझना जाएंगे।
इस कथित बयान के बाद उनके खिलाफ साल्टलेक में साइबर अपराध से जुड़ी धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच CID कर रही है।
निचली अदालत के आदेश को दी चुनौती
TMC सांसद ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दिए गए वॉयस सैंपल लेने की अनुमति को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अब कलकत्ता हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होगी।