नई दिल्ली |अर्जेंटीना से रवाना हुए क्रूज शिप एमवी होंडियस (MV Hondius) पर खतरनाक हंतावायरस के प्रकोप ने वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य अधिकारियों में चिंता बढ़ा दी है। अब तक जहाज पर 6 यात्री गंभीर रूप से बीमार हुए हैं, जिनमें 3 की मौत हो चुकी है। डराने वाली बात यह है कि जहाज पर मौजूद डॉक्टर भी संक्रमित हो गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वायरस अब इंसान से इंसान में फैल सकता है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह वायरस हंतावायरस का एंडीज सबटाइप (Andes Virus) हो सकता है, जो दुनिया में हंतावायरस का एकमात्र ऐसा रूप है जिसमें इंसान से इंसान में संक्रमण के प्रमाण मिले हैं। यह वायरस हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) पैदा करता है, जिसमें फेफड़ों में पानी भर जाता है और सांस लेने में गंभीर कठिनाई होती है। संक्रमित लोगों में मृत्यु दर लगभग 50% तक हो सकती है।
प्रकोप की शुरुआत
संकट की शुरुआत 1 अप्रैल को हुई, जब जहाज अर्जेंटीना के उशुआया बंदरगाह से रवाना हुआ। 6 अप्रैल को एक 70 वर्षीय डच यात्री को बुखार आया और 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई। उसके बाद उसकी पत्नी और एक ब्रिटिश यात्री भी संक्रमित हुए।
जब दक्षिण अफ्रीका की संक्रामक रोग विशेषज्ञ लुसिल ब्लमबर्ग ने जांच की, तो यह पुष्टि हुई कि मामला हंतावायरस का है। अब तक 6 पुष्ट मामले और 3 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। जहाज पर मौजूद 147 यात्रियों को क्वारंटीन कर दिया गया है।
लक्षण और गंभीरता
हंतावायरस के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं – बुखार, बदन दर्द और कमजोरी। लेकिन अचानक मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। वायरस खून की नसों को कमजोर कर देता है, जिससे तरल पदार्थ फेफड़ों में जमा होने लगता है। मरीज को ऐसा लगता है जैसे वह हवा में होने के बावजूद डूब रहा हो। गंभीर मामलों में ECMO मशीन ही जीवन बचा सकती है।
विशेषज्ञों की राय
फिलहाल WHO इसे “पब्लिक हेल्थ इवेंट” के रूप में देख रहा है, न कि व्यापक महामारी के रूप में। इंसान से इंसान में संक्रमण बहुत करीबी संपर्क के बिना दुर्लभ है। हालांकि, क्रूज शिप जैसे बंद स्थान संक्रमण के लिए आदर्श होते हैं।
जहाज को अब केप वर्डे के तट पर रखा गया है और इसे बाद में स्पेन के कैनरी द्वीप ले जाकर पूरी तरह से जांच और डिसइंफेक्शन किया जाएगा। वैज्ञानिक वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि यह एंडीज वायरस ही है या कोई नया म्यूटेशन है।