दूसरों के प्रति व्यवहार से व्यक्ति के व्यक्तित्व की होती है पहचान: व्यंकटेश पांडे

मुंबई  । सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में राधेय की भूमिका निभा रहे अभिनेता व्यंकटेश पांडे का कहना है कि किसी व्यक्ति के वास्तविक व्यक्तित्व को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि वह दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में भी दूसरों की मदद करने की भावना ही व्यक्ति के चरित्र की असली पहचान होती है।

धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में युवा राजकुमारों के जीवन और उन घटनाओं को दर्शाया जा रहा है, जो आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देती हैं। इसी कहानी में राधेय का किरदार अपनी दयालुता, करुणा और दूसरों की सहायता करने की सहज प्रवृत्ति के कारण खास पहचान बना रहा है।

मुश्किलों में भी नहीं छोड़ता दूसरों की मदद करना

कहानी में राधेय के जीवन में उस समय कठिन मोड़ आता है, जब उसके कवच के सामने आने के बाद गांववाले उसे दुष्ट शक्ति समझने लगते हैं। इसके चलते राधेय और उसके परिवार को अपना घर छोड़कर नए ठिकाने की तलाश में निकलना पड़ता है।

खुद कठिनाइयों से गुजरने के बावजूद राधेय दूसरों के प्रति अपनी संवेदनशीलता नहीं खोता। आगामी घटनाक्रम में जंगल के रास्ते नए घर की तलाश करते समय उसकी मुलाकात अर्जुन से होती है। अर्जुन की गाड़ी का पहिया कीचड़ में फंस जाता है और उसे मदद की जरूरत पड़ती है। राधेय बिना किसी हिचकिचाहट के उसकी सहायता के लिए आगे आता है। उस समय वह यह भी नहीं जानता कि अर्जुन कौन है।

छोटी-सी मदद बन सकती है बड़े रिश्ते की शुरुआत

व्यंकटेश पांडे के अनुसार, राधेय के किरदार की सबसे खास बात यह है कि दूसरों के प्रति गलत धारणाओं और कठिन अनुभवों के बावजूद उसके मन में कड़वाहट नहीं आती। जरूरतमंद की सहायता करना उसके स्वभाव का हिस्सा है।

अभिनेता का मानना है कि इंसान की पहचान केवल उसकी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों में दूसरों के साथ किए गए व्यवहार से होती है। राधेय का अर्जुन की मदद के लिए आगे आना एक सामान्य घटना दिखाई दे सकती है, लेकिन यही मुलाकात भविष्य में दोनों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत बन सकती है।

धारावाहिक में आगे राधेय और अर्जुन की यह मुलाकात किस तरह कहानी को नया मोड़ देती है, यह देखना दिलचस्प होगा। राधेय के माध्यम से दर्शकों को दया, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं का महत्व भी देखने को मिलेगा।

‘हस्तिनापुर के वीर’ में व्यंकटेश पांडे का किरदार यह संदेश देता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार बनाए रखना ही वास्तविक चरित्र की पहचान है।

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