किरंदुल। सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय योगदान और आत्मीय जुड़ाव के लिए ए.के. सिंह को सम्मानित किया गया। एनएमडीसी कर्मचारी छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा समिति (छत्तीसगढ़ी क्लब) की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उनके सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता और संस्था के प्रति निरंतर सहयोग की सराहना की गई।
1983-84 से किरंदुल से जुड़ा है नाता
ए.के. सिंह का किरंदुल आगमन वर्ष 1983-84 में हुआ था। वर्ष 1988 में एनएमडीसी बीआईओएम किरंदुल कॉम्प्लेक्स में प्रथम कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही वे अपने आदरणीय अंकल एवं अभिभावक स्व. सुधीर सिंह के मार्गदर्शन में समिति की सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा गतिविधियों में वरिष्ठ सदस्यों के साथ मिलकर कार्य करने लगे थे। वर्षों पहले शुरू हुआ यह जुड़ाव आज भी निरंतर बना हुआ है।
सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में रही सक्रिय भूमिका
नगर की सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सेवाभावी संस्थाओं के जनहितकारी कार्यों से ए.के. सिंह का लंबे समय से आत्मीय जुड़ाव रहा है। उनके योगदान और सहभागिता को देखते हुए छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक क्रीड़ा मंडल द्वारा उन्हें पूर्व में भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में भी वे संस्था के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
आत्मीय संबंधों और समर्पण का प्रतीक है सम्मान
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के प्रति समर्पण, सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता किसी भी व्यक्ति को विशिष्ट पहचान दिलाती है। ए.के. सिंह का सम्मान आपसी विश्वास, सामाजिक संबंधों की गरिमा और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान महज एक औपचारिक अभिनंदन नहीं, बल्कि क्लब के साथ वर्षों से जुड़े आत्मीय संबंधों, साझा स्मृतियों और उनके निरंतर योगदान के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।
सम्मान समारोह के माध्यम से समिति ने सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और जनहितकारी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।