सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़: लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर । महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सशक्त मातृशक्ति, सुपोषित और सुरक्षित बचपन ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब महिलाओं को अपने निर्णय लेने का आत्मविश्वास मिले और प्रत्येक बच्चे को पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।

मंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जनभागीदारी के जरिए शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से काम कर रही है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार और समाज के साथ अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं और पारिवारिक खर्चों से जुड़े निर्णय लेने में सहयोग मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि कई महिलाएं इस सहायता से बचत कर रही हैं, जबकि कुछ इसे छोटे आजीविका प्रयासों का आधार बना रही हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से भी महिलाएं बचत, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़ रही हैं। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी उपलब्ध हों।

आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ेंगे परिवार और समुदाय

मंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव बचपन में रखी जाती है और आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों की सफलता के लिए परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है।

इसी उद्देश्य से 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जोड़ने, बच्चों के भोजन एवं स्वच्छता व्यवस्था को समझने और पोषण से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर मिलेगा।

बच्चों के पोषण और सुरक्षित बचपन पर फोकस

राजवाड़े ने कहा कि पोषण केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बच्चों को उम्र के अनुसार पर्याप्त और विविध आहार मिले, उनकी वृद्धि पर नियमित ध्यान दिया जाए और परिवार उनकी देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाए, यह सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ का संदेश देते हुए परिवारों से बच्चों के भोजन में विविधता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

मंत्री ने बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए परिवार, विद्यालय, पंचायत, आंगनवाड़ी और समुदाय को मिलकर सजग रहने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बच्चों की बात सुनना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराना सुरक्षित बचपन के लिए आवश्यक है।

जनभागीदारी से मजबूत होगा विकसित छत्तीसगढ़ का आधार

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा को केवल योजनाओं तक सीमित न रखकर लोगों तक पहुंचने और उनकी जरूरतों को समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसी मां को पोषण की सही जानकारी मिलना, किसी महिला को आजीविका का अवसर मिलना और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना ही अभियान की सार्थक उपलब्धियां हैं।

उन्होंने परिवार, समुदाय और शासन से मिलकर जिम्मेदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित एवं सुरक्षित बचपन के संकल्प से ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला मजबूत होगी।

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