गरियाबंद:- जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र से हृदय विदारक घटना सामने आई है गांव तक पक्की सड़क नही होने के कारण जहरीली सर्प काटने के बाद एक मासूम को समय पर ईलाज नही मिलने से असमय काल के गाल मे समा गया और इससे भी दुखद यह की मृतक मासूम की लाश को गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण पिता और परिजनों ने मोटर सायकल के सहारे रोते बिखलाते घर तक पहुंचाया गया।
तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग 36 किलोमीटर दुर ग्राम पंचायत भुतबेडा के आश्रित ग्राम तेन्दुछापर के शासकीय प्राथमिक शाला में पढाई करने वाले कक्षा दुसरी के छात्र चन्द्रहास पिता सीताराम नेताम उम्र 07 वर्ष अपने परिजनों के साथ जमीन पर सोया हुआ था और गुरूवार तड़के चार बजे के आसपास कक्षा दुसरी के छात्र चन्द्रहास को जहरीले सर्प ने काट दिया उन्होंने तत्काल अपने माता पिता को इसकी सूचना दी और परिजनों ने सर्प को पकड़कर मारा तथा मासूम को गांव से लगभग तीन किलोमीटर दुर कच्ची दलदल पगडंडी मार्ग से लेकर सड़क तक पहुंचे और 108 संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया लेकिन काफी देर हो चुकी थी और छात्र चन्द्रहास की रास्ते में ही मौत हो गई।
मैनपुर अस्पताल पहुचने पर डाॅक्टरों ने छात्र चन्द्रहास को मृत घोषित कर दिया जिसके पश्चात मृतक का पंचनामा व पोस्टमार्डम कर बकायदा मृतक छात्र के शव को स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुक्तांजली वाहन से उनके घर के लिए रवाना किया गया लेकिन ग्राम तेन्दुछापर तक पक्की सडक नही होने के कारण भूतबेडा मुख्य सड़क तक शव मुक्तांजलि वाहन से पहुचाया।