नेपाल: एक हफ्ते बाद मिले भारतीय पर्वतारोही अनुराग मालू, माउंट अन्नपूर्णा में हुए थे हादसे का शिकार

पिछले सप्ताह लापता हुए अनुराग मालू को अन्नपूर्णा पर्वत से जीवित बचा लिया गया है। इस बात की पुष्टि सेवन समिट ट्रेक्स ने की है। पिछले सप्ताह नेपाल के माउंट अन्नपूर्णा से उतरते समय लापता हुए थे।

अनुराग के भाई सुधीर ने कहा, “वह जीवित पाया गया है। फिलहाल, उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन वह अभी भी जीवित है।”

मिशन पर थे अनुराग मालू

34 साल के अनुराग मालू राजस्थान के किशनगढ़ के रहने वाले हैं। पेशे से उद्यमी अनुराग मालू कैंप IV से लौटते समय कैंप III के नीचे एक दरार में गिर गए थे। पर्वतारोही के अभियान आयोजक के एक अधिकारी ने मीडिया से इसकी पुष्टि की थी। अनुराग मालू 8,000 मीटर से ऊंचे सभी 14 पर्वतों पर चढ़ाई करने के मिशन पर थे। मालू को आरईएक्स करम-वीर चक्र से सम्मानित किया गया है।

REX करम-वीर चक्र से सम्मानित

अनुराग एक बेहतरीन पर्वतारोही हैं, इससे पहले उन्होंने कई पर्वतों की चढ़ाई की है। उन्हें REX करम-वीर चक्र से सम्मानित किया गया है और वे भारत से 2041 अंटार्कटिक युवा राजदूत बने हैं।

नेपाल स्थित दुतावास के संपर्क में रहा विदेश मंत्रालय 

इस मामले में अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा और लापता युवक की तलाश में तेजी लाने व नेपाल स्थित दूतावास को मदद देने लिए निवेदन किया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही अनुराग के परिवार वाले और दोस्त काफी परेशान थे। इनकी तलाश से जुड़े अपडेट के लिए सांसद भागीरथ लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में थे।

विश्व का दसवां सबसे ऊंचा पर्वत है अन्नपूर्णा

आपको बता दें, माउंट अन्नपूर्णा दुनिया का दसवां सबसे ऊंचा पर्वत है और पर्वतारोहियों के लिए सबसे खतरनाक पर्वतों में से एक है। अनुराग इसी की चढ़ाई करने गए थे। सोमवार को जानकारी आई थी कि वह एक दरार के अंदर गिर गए हैं, तभी से उन्हें ढूंढ़ने की कोशिशें लगातार जारी थी।

गौरतलब है कि मंगलवार को दो अन्य भारतीय पर्वतारोही, बलजीत कौर और अर्जुन वाजपेयी को भी अन्नपूर्णा पर्वत चोटी से बचाया गया था।

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