किरंदुल: परियोजना चिकित्सालय किरंदुल में चिकित्सा जगत में दुर्लभ माने जाने वाले केस का जटिल आपरेशन किया गया। परियोजना चिकित्सालय में ग्राम मड़कामीरास की एक आदिवासी महिला जोगी दो माह से पेट में बच्चा हरकत नहीं कर रहा है, की शिकायत लेकर चिकित्सालय में आई, जहां डा. मनीषा लाल ने जांच किया। सोनोग्राफी करने से यह पता चला कि बच्चा, बच्चेदानी में न होकर पेट के अंदर है और बच्चे की धड़कन भी नहीं है। आपरेशन के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमवी लाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. मनीषा लाल, तथा डा. अभिषेक कुमार एवं आपरेशन टीम ने मरीज का जब आपरेशन किया गया तो पेट में एक मांस का गोला मिला जो कि पेट की ऊपरी सतह पर चिपका हुआ था और ओमेंटम (Omentum) से इसकी सप्लाई थी। तीन घंटे तक चले जटिल आपरेशन के पश्चात इस मांस के गोले को अलग किया गया। और जब उस गोले को खोला गया तो एक पूर्ण विकसित मृत बच्चा पाया गया। इस प्रकार की प्रेगनेंसी बहुत ही दुर्लभ होती है (प्रायमरी एन्डोमिनल प्रेगनेंसी इस गोले का बच्चेदानी या फेलोपियन ट्यूब और ओवरी से कोई भी कनेक्शन नहीं था। आज मरीज पूर्णतः स्वस्थ है।
एनएमडीसी परियोजना चिकित्सालय इस क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान की तरह है। परियोजना प्रबंधन अपने क्षेत्र के लोगों को उच्चकोटि की चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवा रहा है। आज परियोजना चिकित्सालय में सभी प्रकार की आधुनिक चिकित्सा की जाती है, जैसे लपोस्कोपी हिस्ट्रोस्कोपी, एडोस्कोपी एण्डोयूरोलाजी, कॉल्पोस्कोपी एवं फेंका सर्जरी इत्यादि से आपरेशन किए जा रहे है। एनएमडीसी खनन के साथ ही समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।