गर्मी बढ़ते ही रायपुर में बढ़ने लगी है सब्जियों की कीमतें, उत्पादन में आई कमी

रायपुर। गर्मियों के बढ़ते ही राजधानी में सब्जियों की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है। थोक सब्जी कारोबारियों का कहना है कि अप्रैल महीने से स्थानीय उत्पादन में कमी आएगी, जिसकी वजह से मांग को पूरा करने के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर होना पड़ेगा। वर्तमान में टमाटर की कीमतें थोक में 20 रुपए के भीतर हैं, लेकिन आने वाले दिनों में अन्य सब्जियों की कीमतें मांग और आपूर्ति पर निर्भर रहने वाली है।

वर्तमान में राजधानी में बंगलुरू और नासिक से टमाटरों की आवक हो रही है, वहीं मध्यप्रदेश, राजस्थान, पं. बंगाल से आलू-प्याज, गाजर आदि सब्जियों की आवक हो रही है। थोक सब्जी बाजार के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि गर्मियों के तेज होते ही सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। टमाटर की फसल इस वर्ष छत्तीसगढ़ में बेहतर रही है, जिसकी वजह से मार्च आखिरी तक भी कीमतों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली।
अब नई फसल की आवक 5-6 महीने बाद होगी। वर्तमान में राजधानी में बाहरी राज्यों से 10 से 15 ट्रक ही सब्जियां पहुंच रही है, लेकिन अप्रैल-मई तक सब्जियों की खेप 20 से 30 ट्रक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में आलू-प्याज की कीमतों भी काबू में हैं। प्याज की आवक नासिक से और आलू की आवक अभी छत्तीसगढ़ में पं.बंगाल से हो रही है।
प्रदेश के स्थानीय सब्जी उत्पादकों का कहना है कि अनलॉक सीजन में पहले से मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सब्जियों की खपत भी बढ़ी है। छत्तीसगढ़ से अन्य राज्यों में भी सब्जियों का निर्यात किया जा रहा है, जिसमें उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और पड़ोसी राज्य शामिल हैं।
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