दिव्यांगता को मात देकर आरती बेहरा बनीं कृषि विस्तार अधिकारी, संघर्ष से रचा सफलता का इतिहास

जैजैपुर। दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम के सामने परिस्थितियां भी हार मान लेती हैं। इस कहावत को सहयोग विद्या मंदिर की छात्रा आरती बेहरा ने अपनी सफलता से सच साबित कर दिया है। शारीरिक दिव्यांगता और कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए आरती ने कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर चयनित होकर सफलता का नया इतिहास रच दिया है।

आरती बचपन से ही पोलियो के कारण हाथ-पैर से प्रभावित हैं और उन्हें चलने में काफी कठिनाई होती है। कम अंक और शारीरिक असमर्थता का हवाला देकर एक विद्यालय ने उन्हें पढ़ाई के योग्य नहीं मानते हुए टीसी थमा दी थी। ऐसे कठिन समय में आरती ने फोन के माध्यम से अपनी पीड़ा बताते हुए आगे पढ़ने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद सहयोग विद्या मंदिर ने अपने ‘एजुकेशन फॉर ऑल’ उद्देश्य के तहत उन्हें शिक्षा का अवसर और मार्गदर्शन प्रदान किया।

विद्यालय के सहयोग और आरती की मेहनत का परिणाम रहा कि उन्होंने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मेरिट से उत्तीर्ण कीं। उनकी उपलब्धि पर तत्कालीन रायगढ़ कलेक्टर अलरमेल मंगई डीजी ने सामाजिक मंच से आरती और विद्यालय को सम्मानित किया था। उन्होंने इस उपलब्धि को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उत्कृष्ट उदाहरण बताया था।

आरती ने आगे भी अपनी मेहनत जारी रखी और बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में पीएटी प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके बाद उनका चयन कृषि विश्वविद्यालय, अंबिकापुर के लिए हुआ। इस दौरान भी सहयोग विद्या मंदिर का मार्गदर्शन और सहयोग लगातार मिलता रहा।

पढ़ाई पूरी कर घर लौटने के कुछ समय बाद आरती के सिर से मां का साया भी उठ गया। इसके बावजूद उन्होंने सकारात्मक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ संघर्ष जारी रखा। आज छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर चयनित होकर आरती ने अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया है। उल्लेखनीय है कि वह वर्ष 2024 में आयोजित कृषि विस्तार अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हुई थीं।

आरती के पिता प्रफुल्ल बेहरा भी बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से बेहद खुश हैं। विद्यालय परिवार ने आरती को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी। जरूरतमंद और प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा एवं सहयोग प्रदान करने का विद्यालय का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

दीपावली उत्सव के अवसर पर सहयोग विद्या मंदिर में आरती को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने दीप प्रज्वलित किया। उनकी उपलब्धि से विद्यालय में हर्ष का माहौल है। आरती की कहानी साबित करती है कि मजबूत इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन से कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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