मुंबई । महाराष्ट्र की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में आंतरिक मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान के बीच छह वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार को दरकिनार करते हुए नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बंद कमरे में मुलाकात की।
इस मुलाकात को पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक असंतोष और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वित्त और योजना विभाग वापस देने की मांग
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र सरकार में वित्त एवं योजना विभाग का प्रभार दोबारा एनसीपी को सौंपने की मांग उठाई।
गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन दोनों महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली थी। अब एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से इन विभागों को वापस पार्टी के हिस्से में देने की मांग उठाई जा रही है।
पार्टी नेतृत्व के सामने बढ़ी चुनौती
सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को इस महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात से अलग रखे जाने की खबर ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह वरिष्ठ नेताओं का सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करना पार्टी के भीतर अलग-अलग राजनीतिक धड़ों की सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के नेतृत्व, सत्ता में हिस्सेदारी और संगठनात्मक भविष्य को लेकर कई तरह की चुनौतियां सामने हैं।
फिलहाल इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। आने वाले दिनों में एनसीपी का नेतृत्व इस असंतोष को किस तरह संभालता है और वित्त एवं योजना विभाग को लेकर क्या फैसला होता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी रहेंगी।