अहमदाबाद । भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 56-27 के बड़े अंतर से शिकस्त दी। अब खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम का सामना श्रीलंका से होगा।
अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। नवीन कुमार और नीरज नरवाल ने रेडिंग में शानदार प्रदर्शन किया, जबकि दीपक एस और शुभम शिंदे ने डिफेंस में मजबूत भूमिका निभाई।
बांग्लादेश की ओर से दिपायोन गोल्डर ने सफल रेड के साथ टीम का खाता खोला, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने जल्द ही मुकाबले पर नियंत्रण हासिल कर लिया। भारत ने शुरुआती पांच मिनट के भीतर पहला ऑलआउट कर बांग्लादेश पर दबाव बना दिया।
इसके बाद भरत हुड्डा और शिवम पटारे ने रेडिंग में लगातार अंक जुटाए। भारतीय टीम ने पहले हाफ में दूसरा ऑलआउट करते हुए मध्यांतर तक 28-8 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली।
दूसरे हाफ में भी भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने प्रभावी रेडिंग और मजबूत डिफेंस के दम पर मुकाबले में 10 मिनट शेष रहते स्कोर 38-16 कर दिया। मैच समाप्त होने से चार मिनट पहले भारतीय टीम ने तीसरा ऑलआउट करते हुए अपनी बढ़त 49-20 तक पहुंचा दी। अंततः भारत ने 56-27 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भरत हुड्डा रहे भारत के शीर्ष स्कोरर
भारतीय टीम की जीत में भरत हुड्डा ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने सर्वाधिक 13 अंक हासिल किए। शिवम पटारे ने 11 और नीरज नरवाल ने 9 अंक जुटाए। वहीं, डिफेंस में अजीत पवार ने आठ टैकल प्रयासों में पांच अंक हासिल कर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भारत ने इस मुकाबले में कुल 37 रेड अंक और 12 टैकल अंक हासिल किए। इसके अलावा ऑलआउट से छह अंक भी जुटाए।
फाइनल में श्रीलंका से होगी भिड़ंत
दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने केन्या को 28-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस तरह अब खिताबी मुकाबले में भारत और श्रीलंका आमने-सामने होंगे।
कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप का पुरुष वर्ग का फाइनल 31 अक्टूबर को रात 9 बजे खेला जाना निर्धारित है। भारतीय टीम की नजरें टूर्नामेंट का पहला खिताब जीतने पर होंगी।
भारतीय पुरुष टीम के कप्तान सुरजीत सिंह ने फाइनल में पहुंचने पर खुशी जताते हुए कहा कि टीम का मनोबल ऊंचा है और उसका लक्ष्य अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए खिताब जीतना है।
गौरतलब है कि इस पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में 13 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं।