रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ अब बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपए की मासिक सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए भी बचत कर रही हैं। कई महिलाएं इस राशि का एक हिस्सा सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं, ताकि बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस तरह महतारी वंदन योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जमीनी स्तर पर संबल प्रदान कर रही है।
आर्थिक सहायता से महिलाओं में बढ़ रही बचत की आदत
छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने और परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका मजबूत करने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना लागू की गई है। योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को इसका औपचारिक शुभारंभ किया था।
योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं के साथ विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को भी प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस नियमित सहायता से महिलाएं घरेलू खर्चों में योगदान देने के साथ बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों के लिए बचत कर पा रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि मातृशक्ति का सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और परिवार के भविष्य से जुड़े निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होती है।
बेटियों की पढ़ाई के लिए बचत कर रहीं ग्रामीण महिलाएं
दंतेवाड़ा जिले के बोडरी गांव की प्रमिला पोतामी के लिए पहले बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे बचाना आसान नहीं था। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उनके लिए बचत का रास्ता खोला है। प्रमिला बताती हैं कि वह इस राशि का कुछ हिस्सा बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हैं, जो आगे चलकर उसकी पढ़ाई में काम आएगा।
नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा के लिए बचत की यह पहल बदलती सोच और बेहतर भविष्य की उम्मीद को दर्शाती है।
इसी तरह रायपुर जिले के रावेली गांव की मीना निषाद ने अपनी बेटी महिमा के नाम सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया है। वह हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपए की सहायता राशि बेटी के खाते में जमा करती हैं, ताकि भविष्य में उसकी शिक्षा और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके।
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के पर्री गांव की अंजू कुशवाहा भी महतारी वंदन योजना की राशि का एक हिस्सा बेटी के सुकन्या खाते में जमा करती हैं, जबकि शेष राशि घरेलू खर्चों में उपयोग करती हैं।
वहीं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के बघमरा गांव की दीपाली मरकाम इस आर्थिक सहायता से बच्चों की स्कूली जरूरतें पूरी करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए भी बचत कर रही हैं। उनका कहना है कि सीमित घरेलू संसाधनों के बीच नियमित आर्थिक मदद से बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए पैसे बचाना संभव हो पा रहा है।
67 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 8 अक्टूबर 2026 को महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632.40 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह 1,000 रुपए यानी सालाना 12,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अब तक योजना के माध्यम से 20,708 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
जिलेवार लाभार्थियों की बात करें तो रायपुर जिले में 5 लाख 13 हजार 534, बिलासपुर में 4 लाख 11 हजार 310, दुर्ग में 3 लाख 89 हजार 507, बलौदाबाजार-भाटापारा में 3 लाख 19 हजार 815 और महासमुंद जिले में 3 लाख 12 हजार 162 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है।
सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का भविष्य सुरक्षित करने की पहल
वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत का अवसर प्रदान करती है। इस योजना के माध्यम से अभिभावक अपनी बेटियों की उच्च शिक्षा और अन्य भविष्य की जरूरतों के लिए नियमित रूप से धन जमा कर सकते हैं।
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता को सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने वाली महिलाओं के प्रयास बताते हैं कि नियमित आर्थिक सहयोग से परिवारों में बचत की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है।
महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के लिए केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह बेटियों की शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य के सपनों को पूरा करने में भी मददगार बन रही है। महिलाओं की छोटी-छोटी बचत भविष्य में बेटियों के बड़े सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।