रायपुर। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा अपनी योग्यता, ज्ञान और क्षमता के बल पर न केवल स्वयं आगे बढ़ सकते हैं, बल्कि भारत को भी विश्व में नई पहचान दिला सकते हैं। यह बात श्री साव ने यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही।
श्री साव ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण आज की युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से भावनात्मक संवाद करते हुए कहा कि आने वाले समय में जब भारत विश्व में अपने मान-सम्मान और गौरव के साथ खड़ा होगा, तब देश achcha का नेतृत्व आज की युवा पीढ़ी के हाथों में होगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे विकसित भारत के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी समझें और अभी से राष्ट्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों के बीच विकसित भारत के विषय पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ होगा। सम्मेलन से प्राप्त विचार और अनुभव भविष्य में समाज एवं राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
समापन सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवाहर लाल नेहरू एल्यूमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता तथा एनआईटी रायपुर के प्राध्यापक प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं, शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों के विचारों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में नई संभावनाओं और योगदान पर चर्चा करना रहा।