करवा चौथ की पूजा थाली में जरूर रखें ये 15 सामग्री, जानें सजाने का सही तरीका और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली । सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व करवा चौथ इस वर्ष 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास करने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा की जाती है और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। करवा चौथ की पूजा में थाली का विशेष महत्व है। ऐसे में पूजा की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे पहले से सभी आवश्यक सामग्री जुटा लें।

करवा चौथ की पूजा थाली में क्या-क्या रखें?

करवा चौथ की पूजा के लिए थाली में पारंपरिक पूजन सामग्री रखी जाती है। मान्यताओं के अनुसार, इन सामग्रियों के साथ विधि-विधान से पूजा की जाती है।

पूजा की थाली के लिए जरूरी सामग्री:

  1. छलनी
  2. मिट्टी या पीतल का करवा और उसका ढक्कन
  3. करवा की सींक
  4. जल से भरा कलश
  5. रोली और कुमकुम
  6. अक्षत यानी साबुत चावल
  7. धूप और घी का दीपक
  8. माता के श्रृंगार का सामान
  9. मिठाई
  10. फूल और फूलों की माला
  11. फल
  12. पुए
  13. मठरी
  14. दक्षिणा के लिए सिक्के
  15. पूजा के लिए साफ थाली और छोटी कटोरियां

इस तरह सजाएं करवा चौथ की थाली

सबसे पहले पीतल, स्टील या चांदी की साफ थाली लें। इसे अच्छी तरह साफ करने के बाद रोली और अक्षत से बीच में स्वास्तिक या ॐ का चिह्न बना सकती हैं।

थाली के बीच में करवा रखें। इसके आसपास रोली, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री की कटोरियां व्यवस्थित करें। धूप और घी का दीपक रखने के लिए अलग स्थान रखें। इसके बाद फूल, मिठाई, फल और श्रृंगार का सामान सजाएं। छलनी को भी साफ करके पूजा के लिए तैयार रखें।

पूजा के दौरान आवश्यक सामग्री आसानी से मिल सके, इसके लिए सभी चीजों को व्यवस्थित रखना बेहतर होता है।

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

करवा चौथ पर पूजा और चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारी के अनुसार, इस वर्ष पूजा का शुभ समय शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक बताया गया है।

  • व्रत की तारीख: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर को रात 10:09 बजे
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 से 6:56 बजे तक
  • चंद्रोदय का अनुमानित समय: रात 8:17 बजे
  • व्रत का समय: सुबह 6:31 बजे से रात 8:17 बजे तक (प्रकाशित जानकारी के अनुसार)

चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार चंद्रमा निकलने का सही समय जरूर जांच लें।

करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, करवा चौथ के दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा करती हैं और व्रत कथा सुनती हैं। कई परिवारों में लाल, पीले और गुलाबी जैसे शुभ रंगों के वस्त्र पहनने की परंपरा है।

  • पूजा से पहले सभी सामग्री तैयार रखें।
  • परिवार की परंपरा के अनुसार करवा चौथ की कथा सुनें या उसका पाठ करें।
  • पूजा के दौरान श्रद्धा और शांति बनाए रखें।
  • सास की ओर से दी जाने वाली सरगी और सुहाग सामग्री का पारंपरिक महत्व माना जाता है।
  • चंद्र दर्शन के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अर्घ्य देकर व्रत खोलें।

करवा चौथ की पूजा विधि और रीति-रिवाज परिवारों तथा क्षेत्रों के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

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