नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों से निपटने में पुलिस बल के योगदान की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आपात स्थितियों में सहायता पहुंचाने, अपराधों पर नियंत्रण रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिसकर्मियों की भूमिका अमूल्य है।
प्रधानमंत्री ने कर्तव्य पथ पर बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के साहस, अटूट समर्पण और वीरता को नमन करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान देश की स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा।
21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारत-चीन सीमा पर गश्त के दौरान चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हो गए थे।
इन वीर जवानों की शहादत की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में पुलिस और सुरक्षा बलों के उन सभी जवानों को याद किया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा, शांति और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए।
पुलिसकर्मियों का योगदान देश की सुरक्षा का आधार
प्रधानमंत्री के संदेश में पुलिस बल की उन जिम्मेदारियों को रेखांकित किया गया, जिनका निर्वहन जवान अक्सर कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में करते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराधों से मुकाबला करने और आपात स्थितियों में नागरिकों की मदद करने तक, पुलिसकर्मी सार्वजनिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुलिस स्मृति दिवस न केवल शहीद जवानों के बलिदान को याद करने का अवसर है, बल्कि उनके परिवारों के त्याग और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी दिन है।