शंघाई । रूस के स्टार टेनिस खिलाड़ी और पूर्व विश्व नंबर-1 दानिल मेदवेदेव ने शानदार वापसी करते हुए अमेरिकी खिलाड़ी टॉमी पॉल को हराकर रोलेक्स शंघाई मास्टर्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार को खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांचवीं वरीयता प्राप्त मेदवेदेव ने पॉल को 6-3, 1-6, 6-3 से शिकस्त दी। मुकाबला दो घंटे नौ मिनट तक चला।
दूसरे सेट में लड़खड़ाए, निर्णायक सेट में की दमदार वापसी
मुकाबले की शुरुआत में मेदवेदेव ने शानदार खेल दिखाते हुए पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया। हालांकि, दूसरे सेट में अमेरिकी खिलाड़ी टॉमी पॉल ने जोरदार वापसी की और मेदवेदेव को 1-6 से हराकर मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया।
तीसरे सेट में मेदवेदेव ने अपना संयम बनाए रखा और सर्विस तथा बेसलाइन रैलियों में बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने निर्णायक सेट 6-3 से जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
मेदवेदेव ने मुकाबले में 16 एस और 31 विनर्स लगाए। इस जीत के साथ पॉल के खिलाफ उनका करियर रिकॉर्ड 5-1 हो गया।
तीसरी बार शंघाई मास्टर्स के सेमीफाइनल में पहुंचे
मेदवेदेव तीसरी बार शंघाई मास्टर्स के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। उन्होंने इससे पहले 2019 में इस टूर्नामेंट का खिताब जीता था। इस बार भी वह खिताब के दावेदारों में शामिल हैं।
इस जीत से एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की उनकी संभावनाओं को भी मजबूती मिली है। मेदवेदेव ने 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए हांगझोउ में खिताब भी जीता था।
सेमीफाइनल में राफेल जोदार से होगा मुकाबला
सेमीफाइनल में मेदवेदेव का सामना स्पेन के युवा खिलाड़ी राफेल जोदार से होगा। जोदार ने क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे के कैस्पर रूड को 4-6, 6-4, 6-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है।
20 वर्षीय जोदार पहली बार शंघाई मास्टर्स में खेल रहे हैं और टूर्नामेंट के इतिहास में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। मेदवेदेव और जोदार के बीच यह पहला मुकाबला होगा।
खिताब के लिए कड़ी चुनौती
शंघाई मास्टर्स के दूसरे सेमीफाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सामना स्पेन के एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से होगा। ऐसे में फाइनल में जगह बनाने के लिए सभी खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
मेदवेदेव की नजर अब सेमीफाइनल जीतकर खिताब की ओर एक और कदम बढ़ाने पर होगी। टॉमी पॉल के खिलाफ निर्णायक सेट में उनकी वापसी ने साबित किया कि दबाव के क्षणों में उनका अनुभव महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।