ट्रंप ने जेलेंस्की पर साधा निशाना, रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की अपील अनसुनी करने का लगाया आरोप

वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की आलोचना करते हुए उन पर रूस के साथ शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने में कठिनाई पैदा करने और रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की अमेरिकी अपील को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों से वैश्विक तेल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने जेलेंस्की के साथ समझौता करना भी मुश्किल बताया।

अमेरिकी मीडिया संस्थान Newsmax को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि डीजल उत्पादन करने वाली रिफाइनरियों को निशाना बनाने से दुनिया के ऊर्जा बाजार पर असर पड़ता है। उन्होंने यूक्रेन की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से मददगार नहीं हैं।

ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को लेकर बढ़ा विवाद

यह विवाद रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने को लेकर घोषित अस्थायी युद्धविराम के टूटने के बाद बढ़ा है। 15 अक्टूबर को यूक्रेन ने रूस के रियाजान क्षेत्र में स्थित एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया। यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहने के बाद उसने जवाबी कार्रवाई की।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि जेलेंस्की ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के अमेरिकी अनुरोधों को स्वीकार नहीं किया। वहीं, यूक्रेन का पक्ष रहा है कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की व्यवस्था दोनों देशों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। यूक्रेन ने रूस की ओर से हमले जारी रहने पर एकतरफा रोक बनाए रखने पर सवाल उठाए हैं।

जेलेंस्की को बताया समझौते के लिए मुश्किल

ट्रंप ने साक्षात्कार में कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और जेलेंस्की के बीच गहरी दुश्मनी युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को कठिन बना रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें जेलेंस्की के साथ बातचीत करना पुतिन की तुलना में अधिक मुश्किल लगता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं।

अमेरिकी सहायता को लेकर भी बढ़ा तनाव

रूस के साथ ऊर्जा और शांति समझौते को लेकर विवाद के बीच अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में तनाव बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने अमेरिकी उपग्रह संचार प्रणाली स्टारलिंक की सैन्य उपयोग संबंधी पाबंदियों पर भी चिंता जताई है। यूक्रेनी नेतृत्व ने रूस के हमलों के मद्देनजर अमेरिकी समर्थन के महत्व पर जोर दिया है। हालांकि, इन घटनाक्रमों के पीछे के निर्णयों और उनकी परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

शांति वार्ता पर क्या होगा असर?

अमेरिकी प्रशासन रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऊर्जा ठिकानों पर हमले, युद्धविराम की शर्तों और सैन्य सहायता को लेकर मतभेद बने हुए हैं। यूक्रेन का कहना है कि रूस के हमले जारी रहने की स्थिति में उसे अपनी रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ती है, जबकि ट्रंप ने ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।

फिलहाल, ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बढ़ता तनाव रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों के सामने एक और चुनौती बन गया है। शांति समझौते की दिशा में आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष युद्धविराम और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर किस हद तक सहमति बना पाते हैं।

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