रायपुर । छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 और 1.0 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो हितग्राही अपने मकान का निर्माण तेजी से पूरा कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि योजना का लाभ लोगों तक जल्द पहुंच सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत निर्माण कार्यों की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक में संचालित आवास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण स्थल में बदलाव से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के तहत कुल 2,43,087 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2,25,411 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 17,368 आवासों का निर्माण कार्य जारी है।
बीएलसी घटक के अंतर्गत स्वीकृत 2,06,118 मकानों में से 1,96,144 आवास पूरे हो चुके हैं। वहीं, 9,666 मकानों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 के तहत लाभार्थी आधारित आवास निर्माण घटक की पूर्व स्वीकृत परियोजनाओं में संशोधन से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। परियोजनाओं में कटौती के बाद संशोधित स्वीकृति के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल सहित ऊर्जा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगर तथा ग्राम निवेश, हाउसिंग बोर्ड, हुडको और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आवास निर्माण की प्रगति तेज करने और स्वीकृत मकानों को समय पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि शहरी क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को आवास सुविधा का लाभ मिल सके।